धनबाद के सिंदरी में आवास और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को लेकर सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा के बैनर तले आयोजित सत्याग्रह धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। धरने में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने एफसीआई प्रबंधन की आवास नीति का विरोध करते हुए व्यापक पुनर्वास नीति बनाने और निष्कासन संबंधी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
आवास नीति और पुनर्वास को लेकर उठी प्रमुख मांगें
धरने की अध्यक्षता सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक रवींद्र सिंह ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्रा ने किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सिंदरी के आवासीय अधिकारों से जुड़े विभिन्न नारे लगाए। धरना के दौरान वक्ताओं ने एफसीआई प्रबंधन से मांग की कि सिंदरी के निवासियों के लिए व्यापक आवास नीति बनाई जाए। साथ ही, किसी भी प्रकार के विस्थापन से पहले पुनर्वास नीति लागू की जाए, निष्कासन नोटिस वापस लिए जाएं तथा संबंधित मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।
प्रबंधन को दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
वक्ताओं ने कहा कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। धरने में मौजूद विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी सिंदरी के लोगों के आवासीय अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। कई वक्ताओं ने कहा कि किसी भी विकास योजना में स्थानीय लोगों के हितों और पुनर्वास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही नई आवास नीति तैयार करने में जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग भी रखी गई।
महिलाओं ने दिखाई सक्रिय भागीदारी
धरने में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपने घरों और भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की। महिला प्रतिभागियों ने कहा कि वे अपने आशियाने की सुरक्षा चाहती हैं और आवास संबंधी किसी भी निर्णय में स्थानीय परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने मांग की कि किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित किया जाए और उनकी सहमति सुनिश्चित की जाए।

एफसीआई प्रबंधन को सौंपा गया ज्ञापन
धरना समाप्त होने के बाद सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने एफसीआई के यूनिट प्रभारी को अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आवास नीति, पुनर्वास, निष्कासन नोटिस और अन्य स्थानीय मुद्दों पर विचार करने की मांग की गई। धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिंदरी पुलिस मौके पर तैनात रही। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई।

