सिंदरी के 13 पर्यटन स्थलों को मिलेगी नई पहचान, राजकीय पर्यटन स्थल बनाने की अनुशंसा

सिंदरी के 13 पर्यटन स्थलों को मिलेगी नई पहचान, राजकीय पर्यटन स्थल बनाने की अनुशंसा

धनबाद, बलियापुर। सिंदरी विधानसभा क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की गई है। 15 सितंबर को धनबाद समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय पर्यटन संवर्धन परिषद (DTPC) की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो उर्फ बब्लू महतो भी शामिल हुए।

बैठक में जिले के पर्यटन स्थलों के चिन्हितीकरण, वर्गीकरण और उनके विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसी दौरान सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के 13 प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को राजकीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अनुशंसा किए जाने की बात सामने आई।

सिंदरी के 13 स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की पहल

विधायक चंद्रदेव महतो की ओर से क्षेत्र के पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास का मुद्दा बैठक में उठाया गया। इसके बाद सिंदरी क्षेत्र के विभिन्न स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए अनुशंसा की गई।

इन स्थलों में धार्मिक आस्था से जुड़े मंदिर और थान के अलावा प्राकृतिक एवं मनोरम स्थल भी शामिल हैं। पहल का उद्देश्य इन स्थानों की पहचान को व्यापक स्तर पर बढ़ाने और पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करना है।

ये धार्मिक स्थल होंगे विकास की सूची में शामिल

सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए जिन धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया गया है, उनमें बूढ़ा बाबा मंदिर (अलकडीहा), जियारी थान (प्रधानखंता), खेलाई चंडी पूजा स्थल (पहाड़पुर), बाबा बटेश्वर मंदिर (शिवपुर) और बन काली मंदिर (गोविंदपुर) शामिल हैं।

इसके अलावा मां रतौड़ी थान (आमटांड), ग्राम थान (चिकनिया), मड़ईथान (बरादहा) और 108 महादाना ग्राम देवता (गोलमारा) को भी सूची में शामिल किया गया है।

प्राकृतिक स्थलों को भी पर्यटन से जोड़ने की तैयारी

धार्मिक स्थलों के साथ क्षेत्र के प्राकृतिक और मनोरम स्थानों को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना में शामिल किया गया है।

इस सूची में शिव मंदिर व झील बेहचिया, डोमगढ़ घाट (दामोदर तट), रेजहेली बांध (गोविंदपुर) और सिंदरी का प्रसिद्ध प्रियदर्शिनी पार्क (07 लेक) शामिल है।

इन स्थानों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने से क्षेत्र में आने वाले लोगों को धार्मिक और प्राकृतिक दोनों तरह के पर्यटन का अनुभव मिल सकता है।

पर्यटन विकास से रोजगार की उम्मीद

क्षेत्र के इन स्थलों को आधिकारिक तौर पर पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई गई है। इसके साथ ही पर्यटन गतिविधियां बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना भी बताई गई है।

विधायक चंद्रदेव महतो ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को अपना संकल्प बताते हुए धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।

फिलहाल इन स्थलों को राजकीय पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की प्रतीक्षा है। अनुशंसा के बाद अब संबंधित स्तर पर आगे की कार्रवाई की जानी है।

NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

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