धनबाद, चासनाला/सुदामडीह। सेल चासनाला कोलियरी के तासरा रेलवे साइडिंग में कार्यरत 35 वर्षीय मजदूर शंकर मल्लिक की मौत के मामले में शुक्रवार को चौथे दिन भी गतिरोध जारी रहा। मुआवजा और नियोजन की मांग को लेकर मृतक के परिजन और ग्रामीण शव के साथ तासरा साइडिंग में डटे रहे। इसी बीच धनबाद महापौर संजीव सिंह मौके पर पहुंचे और मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संवेदक गुरपाल सिंह के दो अलग-अलग कार्यों को बंद करा दिया।
तासरा साइडिंग में चौथे दिन भी शव के साथ डटे परिजन
शंकर मल्लिक की मौत के बाद से ही उनके परिजन और ग्रामीण मुआवजा तथा आश्रित को नियोजन देने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को चौथे दिन भी शव तासरा साइडिंग में रखा रहा। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे शव नहीं उठाएंगे।
इससे पहले झरिया विधायक रागिनी सिंह भी मौके पर पहुंची थीं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देने के बाद सेल के कार्यपालक निदेशक कार्यालय में प्रबंधन से वार्ता की और मृतक के आश्रित को उचित मुआवजा एवं आउटसोर्सिंग में रोजगार देने की मांग रखी।
गुरपाल सिंह के चंदन प्रोजेक्ट का काम कराया बंद
शंकर मल्लिक की मौत के मामले में संवेदक गुरपाल सिंह का नाम सामने आने के बाद महापौर संजीव सिंह ने उनके कार्यों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। शुक्रवार को महापौर ने चंदन प्रोजेक्ट, सुदामडीह में संवेदक गुरपाल सिंह के चल रहे कार्य को बंद करवाया।
इसके बाद महापौर स्वयं चंदन प्रोजेक्ट पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने मौके की स्थिति का भी जायजा लिया।
सड़क काटने के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन
चंदन प्रोजेक्ट पहुंचने पर महापौर को जानकारी मिली कि पार्षद 51 वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में ग्रामीण सुदामडीह हाटतल्ला से भौरा जाने वाली सड़क काटे जाने का विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि सड़क काटे जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद महापौर ने संबंधित कार्य को भी तत्काल बंद कराने का निर्देश दिया।
महापौर ने कहा कि आम लोगों की परेशानी की कीमत पर किसी भी तरह का काम नहीं होने दिया जाएगा। पहले ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाना जरूरी है।
परिजनों से मिले महापौर, बोले- हक की लड़ाई लड़ेंगे
शाम करीब पांच बजे महापौर संजीव सिंह तासरा साइडिंग पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और शव के पास बैठे परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और तत्काल पंखे तथा भोजन की व्यवस्था कराने की बात कही।
महापौर ने कहा कि पीड़ित परिवार को उसका न्याय और हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि चार दिनों से शव पड़ा है और अब तक ठोस समाधान नहीं निकलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार के हक की लड़ाई में वे उनके साथ खड़े रहेंगे।
एक ही संवेदक के दो कार्यों पर कार्रवाई से मामला गरमाया
शुक्रवार को हुई कार्रवाई के बाद मामला और गरमा गया है। एक तरफ शंकर मल्लिक की मौत के बाद मुआवजा और नियोजन का विवाद जारी है, वहीं दूसरी ओर सुदामडीह में सड़क काटे जाने को लेकर ग्रामीणों का विरोध सामने आया।
दोनों मामलों में संवेदक के रूप में गुरपाल सिंह का नाम सामने आने के बाद महापौर ने दोनों स्थानों पर संबंधित कार्यों को बंद करा दिया। अब मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों की नजर सेल प्रबंधन तथा संवेदक की अगली पहल पर है।
मौके पर पार्षद 51 वीरेंद्र यादव, विधायक प्रतिनिधि उमेश यादव, विधायक प्रतिनिधि अभिषेक पांडेय, अजीत महतो, चीकू महतो, साजन सिंह, सुकेश महतो, मुकेश ओझा, कृष्णा ओझा, रजत ओझा, सुधीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक मौजूद रहे।
