Reliance Foundation She-Connects: 10 लाख महिलाओं तक पहुंचेगा डिजिटल सशक्तिकरण अभियान, 6 संस्थाओं को ₹25.84 करोड़ की सहायता

Reliance Foundation She-Connects: 10 लाख महिलाओं तक पहुंचेगा डिजिटल सशक्तिकरण अभियान, 6 संस्थाओं को ₹25.84 करोड़ की सहायता

नई दिल्ली: महिलाओं की डिजिटल भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिलायंस फाउंडेशन और गेट्स फाउंडेशन की संयुक्त पहल ‘शी-कनेक्ट्स डिजिटल एक्सेलेरेटर: इंडिया’ के पहले चरण के लिए छह गैर-सरकारी संगठनों (NGO) का चयन किया गया है। इन संगठनों को कुल ₹25.84 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। अगले 15 से 18 महीनों में ये संस्थाएं स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका से जुड़े डिजिटल समाधानों के माध्यम से करीब 10 लाख महिलाओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखेंगी।

दूसरे चरण के लिए आवेदन शुरू

नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दूसरे चरण के लिए ‘रिक्वेस्ट फॉर एप्लिकेशन (RFA)’ भी जारी किया गया। इस चरण के तहत भारतीय गैर-सरकारी संगठन आवेदन कर सकते हैं। चयनित प्रत्येक परियोजना को ₹4.2 करोड़ तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।

दूसरे चरण के लिए आवेदन 4 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

महिलाओं की डिजिटल भागीदारी बढ़ाने पर जोर

रिलायंस फाउंडेशन में महिला सशक्तिकरण प्रमुख दीप्ति रेड्डी ने कहा कि महिलाओं को डिजिटल दुनिया में अवसर और आत्मविश्वास देना एक समावेशी समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, महिलाओं का सशक्तिकरण केवल व्यक्तिगत बदलाव नहीं लाता, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनता है।

वहीं, गेट्स फाउंडेशन में जेंडर इक्वालिटी की डिप्टी डायरेक्टर साची भल्ला ने कहा कि यह पहल महिलाओं की डिजिटल भागीदारी बढ़ाने वाले प्रभावी समाधानों को विकसित और बड़े स्तर पर लागू करने में मदद करेगी। इससे प्राप्त अनुभव भारत के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के अन्य देशों के लिए भी उपयोगी होंगे।

इन छह संस्थाओं का हुआ चयन

पहले चरण के लिए जिन छह संस्थाओं का चयन किया गया है, वे हैं:

  • PCI इंडिया
  • एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन
  • माइना महिला फाउंडेशन
  • डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन
  • ASPIRE
  • चैतन्य

ये संस्थाएं ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), महिला उद्यमियों और तटीय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए डिजिटल कौशल, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका से जुड़े समाधान विकसित करेंगी।

AI और क्षेत्रीय भाषाओं पर रहेगा फोकस

इस पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), चैटबॉट और क्षेत्रीय भाषाओं जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर महिलाओं की डिजिटल पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

चयनित संस्थाओं को वित्तीय सहायता के साथ तकनीकी प्रशिक्षण, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और क्षमता विकास कार्यक्रमों का भी लाभ मिलेगा।

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