रांची में 80.60 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला, छह लोगों पर FIR

रांची में 80.60 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला, छह लोगों पर FIR

रांची। राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र में 80.60 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है। डॉ. दिवेश कुमार भगत के लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उनके रिश्तेदार निखिल कुमार और उनकी पत्नी बबीता गुप्ता ने व्यवसाय बढ़ाने के नाम पर उनसे और उनकी पत्नी शालिनी भगत से आर्थिक मदद मांगी थी। पारिवारिक संबंधों पर भरोसा करते हुए उन्होंने कुल 41 लाख 60 हजार रुपये दिए।

शिकायत के अनुसार, इसमें 30 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के माध्यम से अलग-अलग खातों से आयुष इंटरप्राइजेज के खाते में भेजे गए। इसके अलावा अलग-अलग तारीखों में 11 लाख 60 हजार रुपये नकद देने का भी दावा किया गया है।

पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप

डॉ. दिवेश भगत का आरोप है कि रकम वापस मांगने के बाद आरोपी पक्ष की ओर से मामले को लगातार टाला जाता रहा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पैसे लौटाने के बजाय उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई।

प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का भय दिखाकर मुकदमे में फंसाने की बात कहे जाने का भी आरोप है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

फ्लैट और व्यावसायिक जगह के नाम पर 39 लाख लेने का दावा

शिकायत में हजारीबाग स्थित न्यू होम्स के टोप्पीदी केशव टावर से जुड़ा एक अलग आरोप भी लगाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, निखिल कुमार, जिन्हें M/s New Homes का संचालक बताया गया है, ने फ्लैट और भवन निर्माण के नाम पर शिकायतकर्ता से 39 लाख रुपये लिए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बदले ग्राउंड फ्लोर पर 2600 वर्गफीट व्यावसायिक जगह, दूसरे तल पर 1540 वर्गफीट आवासीय जगह और पार्किंग स्पेस देने की बात कही गई थी।

प्राथमिकी में बताया गया है कि लंबे समय तक प्रोजेक्ट में अड़चन का हवाला देकर मामले को टाला जाता रहा।

फर्जी अलॉटमेंट लेटर और दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप

मामले में जालसाजी से जुड़ा आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 21 जनवरी 2014 का कथित फर्जी अलॉटमेंट लेटर दिया गया था।

आरोप है कि इसके बाद निखिल कुमार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पावर ऑफ अटॉर्नी और दूसरे दस्तावेजों के जरिए संपत्ति से संबंधित लेनदेन किए। प्राथमिकी में गोपाल प्रसाद गुप्ता, पदम लाल गुप्ता, रेनू गुप्ता और संजीत कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।

शिकायत में 11 अप्रैल 2023 के एक एग्रीमेंट का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व समझौते के बावजूद बाद में संपत्ति को लेकर अलग व्यवस्था की गई और फ्लैट समेत अन्य संपत्ति देने का आश्वासन दिया गया।

छह लोगों के खिलाफ FIR, पुलिस जांच शुरू

पुलिस ने मामले में निखिल कुमार, बबीता गुप्ता, गोपाल प्रसाद गुप्ता, पदम लाल गुप्ता, रेनू गुप्ता और संजीत कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

मामले में BNS की धारा 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। प्राथमिकी 12 सितंबर 2026 को कोतवाली थाने में दर्ज हुई।

मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय को दी गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए धोखाधड़ी, जालसाजी और दस्तावेजों से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।

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