चासनाला। पाथरडीह कोल वाशरी परिसर स्थित निर्माणाधीन कोलवाशरी में 20 अगस्त को वेल्डिंग मशीन में हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल मजदूर दिलीप यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद पीड़ित परिवार की मदद के लिए विधायक रागिनी सिंह ने पहल की। मंगलवार को उन्होंने मृतक की पत्नी को 15 लाख रुपये का मुआवजा चेक सौंपा।
इसके अलावा अंतिम संस्कार और श्राद्ध कर्म के लिए परिवार को 50 हजार रुपये नकद दिए गए। विधायक के हस्तक्षेप के बाद मृतक की पत्नी को आर्यन कंपनी में नियोजन देने पर भी सहमति बनी है।
मृतक की पत्नी को सौंपा 15 लाख का चेक
दिलीप यादव की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट की स्थिति में था। मृतक के परिजनों और यूनियन प्रतिनिधियों की ओर से मुआवजा और नियोजन की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक रागिनी सिंह ने संबंधित प्रबंधन से बातचीत की। इसके बाद हुए समझौते के तहत मृतक के परिवार को 15 लाख रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराया गया।
विधायक ने स्वयं मृतक की पत्नी को मुआवजे का चेक सौंपा। साथ ही तत्काल जरूरतों को देखते हुए अंतिम संस्कार और श्राद्ध कर्म के लिए 50 हजार रुपये की नकद सहायता भी दी।
मृतक की पत्नी को आर्यन कंपनी में मिलेगा नियोजन
मुआवजे के साथ मृतक के परिवार के भविष्य को लेकर भी व्यवस्था की गई है। विधायक के हस्तक्षेप के बाद मृतक की पत्नी को आर्यन कंपनी में नियोजन देने पर सहमति बनी है।
तय व्यवस्था के अनुसार वह तीन महीने बाद प्रत्यक्ष रूप से काम करेंगी। इस अवधि के दौरान उन्हें वेतन मिलता रहेगा। इससे परिवार को तत्काल आर्थिक सहारा मिलने के साथ आगे रोजगार का आधार भी उपलब्ध होगा।
आंदोलन के बीच विधायक ने की प्रबंधन से वार्ता
दिलीप यादव के परिजनों और यूनियन प्रतिनिधियों की ओर से मुआवजा और नियोजन की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा था। इसी बीच विधायक रागिनी सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रबंधन के साथ बातचीत की।
विधायक की पहल के बाद समझौते के तहत मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। सहायता मिलने के बाद मृतक के परिजनों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस दौरान विधायक प्रतिनिधि उमेश यादव, अभिषेक पांडेय, अभिषेक पांडेय सहित मृतक के परिजन और अन्य लोग मौजूद रहे।
मजदूरों की सुरक्षा पर विधायक ने जताई चिंता
विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि दिलीप यादव की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे कठिन समय में परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि मुआवजे के साथ मृतक की पत्नी के नियोजन की व्यवस्था कर परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने मजदूरों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की बात कही। विधायक के अनुसार कार्यस्थल पर सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

