धनबाद। धनबाद रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने ऑपरेशन सतर्क के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रेन के जनरल कोच से भारी मात्रा में बीयर और अंग्रेजी शराब बरामद की है। बरामद शराब की कुल मात्रा 130 लीटर बताई गई है, जिसका अंकित मूल्य 38,160 रुपये है।
आरपीएफ के अनुसार, बरामद सभी शराब की बोतलों और बीयर के कैन पर “FOR SALE IN WB ONLY” अंकित था। मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और सामान के मालिक की पहचान की जा रही है।
ट्रेन संख्या 13051 के जनरल कोच से मिला संदिग्ध सामान
यह कार्रवाई 2 सितंबर 2026 को वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, धनबाद के निर्देशन में की गई। निरीक्षक प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टास्क टीम धनबाद रेलवे स्टेशन पर गश्त और निगरानी कर रही थी।
इसी दौरान ट्रेन संख्या 13051 के प्लेटफॉर्म संख्या-03 पर पहुंचने के बाद आरपीएफ टीम ने ट्रेन के पिछले जनरल कोच की जांच की। जांच के दौरान एक साथ छह बैग और दो थैले संदिग्ध अवस्था में मिले।
आरपीएफ कर्मियों ने कोच में मौजूद यात्रियों से बैग और थैलों के मालिकाना हक के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी भी यात्री ने सामान पर अपना दावा नहीं किया।
बैग खोलने पर मिली बीयर और अंग्रेजी शराब
संदेह के आधार पर बैग और थैलों की जांच की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में Hayward 5000 Premium Strong Beer, Royal Stag अंग्रेजी शराब और Budweiser Magnum Beer बरामद हुई।
बरामद सामान में विभिन्न बैग और थैलों से बीयर और अंग्रेजी शराब की कुल मात्रा 130 लीटर पाई गई। आरपीएफ ने इसकी कुल अंकित कीमत 38,160 रुपये बताई है।
ट्रेन का धनबाद स्टेशन पर ठहराव कम होने के कारण सभी संदिग्ध बैग और थैलों को प्लेटफॉर्म संख्या-03 के हावड़ा छोर पर उतारकर गवाहों की मौजूदगी में जांच की गई।
शराब को किया गया जब्त, उत्पाद विभाग को सौंपने की तैयारी
आरपीएफ ने गवाहों की मौजूदगी में बीयर और अंग्रेजी शराब को जब्त कर धनबाद आरपीएफ पोस्ट लाया। इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट धनबाद के उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार की ओर से लिखित शिकायत के साथ जब्त शराब को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उत्पाद विभाग, धनबाद को सुपुर्द करने की प्रक्रिया की जा रही है।
आरपीएफ की इस कार्रवाई में उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार, एएसआई चितरंजन सिंह समेत विशेष टास्क टीम के अन्य जवान शामिल थे।
फिलहाल बरामद शराब के मालिक और इसे ट्रेन में रखने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। मामले में आगे की कार्रवाई उत्पाद विभाग द्वारा की जाएगी।
