पाकुड़: जिले के महेशपुर प्रखंड क्षेत्र में एक परिवार और आसपास के ग्रामीणों के लिए पिछले आठ दिनों से दहशत का कारण बना लगभग 5.5 फीट लंबा स्पेक्टैकल कोबरा (भारतीय नाग) आखिरकार सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया गया। सांप के पकड़े जाने के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
माधव मरांडी ने बताया कि कोबरा पिछले आठ दिनों से उनके घर और आसपास के विभिन्न स्थानों पर छिपा हुआ था। इस दौरान उसने एक-एक कर 12 मुर्गियों को अपना शिकार बना लिया। इसके अलावा अंडों पर बैठी एक मुर्गी को भी डसने से उसकी मौत हो गई। लगातार हो रही घटनाओं के कारण परिवार में भय का माहौल बना हुआ था।
वन विभाग को सूचना मिलने पर शुरू हुआ रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना के आधार पर स्नेक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक अभियान चलाया। लगभग 5.5 फीट लंबे और फुर्तीले स्पेक्टैकल कोबरा को पकड़ने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लंबे प्रयास के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया।
ग्रामीणों ने जताया राहत, टीम की सराहना
रेस्क्यू अभियान सफल होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और माधव मरांडी के परिवार ने राहत व्यक्त की। लोगों ने स्नेक रेस्क्यू टीम और वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई होने से किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई।
विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण सलाह
वन्यजीव विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि घर या आसपास कोई विषैला सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

