पाकुड़ में नवरात्रि पर डांडिया कार्यक्रम की धूम
पाकुड़। नवरात्रि के पावन अवसर पर पाकुड़ शहर में भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। शहर के मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने डांडिया नृत्य के जरिए उत्सव के माहौल को खास बना दिया।
कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली। महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ नृत्य किया और नवरात्रि उत्सव का आनंद लिया।
मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती से हुई शुरुआत
डांडिया कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे परिधानों और संगीत के बीच पूरा परिसर उत्साहपूर्ण माहौल से भर गया।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने नवरात्रि के दौरान ऐसे आयोजनों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
डांडिया नृत्य का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
कार्यक्रम में महिलाओं ने डांडिया के महत्व पर भी चर्चा की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, डांडिया नृत्य को मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जोड़कर देखा जाता है। इसमें इस्तेमाल की जाने वाली सजी हुई लकड़ियों को देवी दुर्गा की तलवार का प्रतीक माना जाता है।
इसी वजह से डांडिया को कई बार स्वॉर्ड डांस यानी तलवार नृत्य भी कहा जाता है। नवरात्रि के दौरान डांडिया और गरबा जैसे पारंपरिक नृत्य उत्सव के प्रमुख आकर्षण होते हैं।
महिलाओं को प्रतिभा दिखाने का मिला अवसर
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से धार्मिक आस्था को मजबूती मिलती है। साथ ही, महिलाओं और युवतियों को एक-दूसरे से मिलने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम ने नवरात्रि के उत्साह को और बढ़ाया। महिलाओं ने डांडिया नृत्य के माध्यम से परंपरा और संस्कृति के प्रति अपनी भागीदारी दिखाई।
भक्ति, परंपरा और उत्साह का दिखा संगम
पाकुड़ में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में मां दुर्गा की आराधना के साथ सांस्कृतिक उत्सव की रौनक देखने को मिली। महिलाओं और युवतियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बनाया। नवरात्रि के अवसर पर हुए इस आयोजन में भक्ति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का सुंदर संगम नजर आया।

