निरसा, धनबाद। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए धनबाद पुलिस ने निरसा थाना क्षेत्र के पिठाकियारी गांव में छापेमारी कर एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सभी को पूछताछ के लिए चिरकुंडा थाना लाया गया, जहां ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने खुद पहुंचकर उनसे पूछताछ की। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल मच गई।
एसएसपी के निर्देश पर पिठाकियारी में छापेमारी
जानकारी के अनुसार, धनबाद एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने पिठाकियारी गांव में छापेमारी की। इस दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों को साइबर अपराध में संलिप्त होने के संदेह में हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार संदिग्धों को आगे की पूछताछ के लिए चिरकुंडा थाना लाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी की गतिविधियां किस स्तर तक फैली हुई थीं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
ग्रामीण एसपी ने की आरोपियों से पूछताछ
चिरकुंडा थाना में धनबाद ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने संदिग्धों से पूछताछ की। इस दौरान साइबर क्राइम रिस्पांस (CCR) के डीएसपी प्रदीप कुमार साव और निरसा एसडीपीओ लिलेश्वर महतो भी मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारी गिरफ्तार लोगों से उनके कथित नेटवर्क और साइबर ठगी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं। पूछताछ के आधार पर मामले की आगे की जांच की जा रही है।
बैंक खातों और ठगी के तरीके की जांच
पुलिस की जांच में संदिग्धों के बैंक खातों, कथित ठगी के तरीकों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि पूछताछ के जरिए साइबर अपराध के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्धों का संपर्क किन लोगों से था और कथित ठगी से जुड़ी रकम का लेन-देन किन खातों के माध्यम से हुआ।
कई थानों के अधिकारी रहे मौजूद
पूछताछ के दौरान चिरकुंडा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार, कुमारधुबी ओपी प्रभारी मैथ्यू एक्का, गलफरबाड़ी ओपी प्रभारी शेखर कुमार और कालूबथान ओपी प्रभारी बृज किशोर सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार संदिग्धों की पहचान और छापेमारी में हुई बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। मामले में पूछताछ और जांच जारी है।
साइबर अपराध के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
पिठाकियारी में हुई कार्रवाई को साइबर अपराध के नेटवर्क का पता लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, गिरफ्तार लोगों की भूमिका और उनसे जुड़ी गतिविधियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

