नई दिल्ली/कोलकाता। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से कथित तौर पर जुड़े इमाम महमुदर काफिला (IMK) नेटवर्क की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने पश्चिम बंगाल, असम और केरल में कुल 16 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें पश्चिम बंगाल से चार, असम से आठ और केरल से एक व्यक्ति शामिल है। जांच एजेंसी IMK के कथित नेटवर्क, ऑनलाइन कट्टरपंथ और पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर राज्यों में इसके विस्तार की संभावित कोशिशों की जांच कर रही है।
बंगाल में मस्जिद के इमाम समेत चार गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल में NIA ने पांच ठिकानों पर तलाशी ली और चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें पूर्व बर्धमान के मंगलकोट इलाके के पालिशग्राम की मस्जिद के इमाम शेख पियार मोहम्मद, दक्षिण 24 परगना के बजबज इलाके के मोहम्मद जुम्मान शेख, बलरामपुर के शाहरुल हक पुरकायत और नरेंद्रपुर के कुसुम्बा इलाके के अब्दुर रफीक शामिल हैं।
पालिशग्राम में NIA की टीम ने मस्जिद और इमाम के कमरे की तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां से मोबाइल फोन और डायरी सहित कुछ सामग्री जब्त की गई। जांचकर्ता इन सामानों और डिजिटल संपर्कों के आधार पर कथित नेटवर्क से संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं।
पियार मोहम्मद के बांग्लादेश आने-जाने से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। हालांकि, उनके परिवार और स्थानीय लोगों ने उनके खिलाफ लगे संदेह को स्वीकार नहीं किया है। मामले में उनके कथित आतंकी संपर्कों की जांच अभी जारी है।
असम में आठ लोग जांच के घेरे में
असम में NIA ने 10 ठिकानों पर कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, वहां से आठ लोगों को पकड़ा गया। इनमें फारूक अब्दुल्ला, जाकिर हुसैन, चांदबर अली, मुस्तफिजुर रहमान, याकूब अली और रकीबुल इस्लाम समेत अन्य लोग शामिल हैं।
यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसकी शुरुआत दिसंबर 2025 में असम पुलिस की कार्रवाई से हुई थी। उस समय असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल से 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में मामले की जांच NIA ने अपने हाथ में ली।
NIA के अनुसार, जून 2026 में इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। एजेंसी का आरोप है कि कथित नेटवर्क का इस्तेमाल युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने और संगठन का प्रभाव बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।
केरल तक पहुंचा जांच का दायरा
NIA की मंगलवार की कार्रवाई केवल बंगाल और असम तक सीमित नहीं रही। केरल के एक ठिकाने पर भी तलाशी ली गई और वहां से असम के रहने वाले मोनिरुल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, मोनिरुल इस्लाम रोजगार के सिलसिले में केरल में रह रहा था। उसके आवास की तलाशी के बाद उसे हिरासत में लिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया गया।
इस गिरफ्तारी से जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित नेटवर्क की गतिविधियां अलग-अलग राज्यों में किस तरह फैली हुई थीं और आरोपियों के बीच आपसी संपर्क किस स्तर तक था।
‘पूर्व आकाश’ टेलीग्राम ग्रुप की भी जांच
NIA की जांच में ‘पूर्व आकाश’ (Purva Akash) नाम के टेलीग्राम ग्रुप का भी उल्लेख सामने आया है। एजेंसी का आरोप है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने और नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश की गई।
जांच के दौरान मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड जैसी सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इन उपकरणों में मौजूद डेटा और बातचीत की जांच की जा रही है।
बंगाल और पूर्वोत्तर में नेटवर्क विस्तार की आशंका
NIA के मुताबिक, जांच का एक प्रमुख पहलू IMK के कथित नेटवर्क को पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में फैलाने की कोशिश से जुड़ा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर धार्मिक कट्टरपंथ, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
NIA ने पहले दाखिल चार्जशीट में भी आरोप लगाया था कि IMK से जुड़े लोगों ने पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में संगठन की विचारधारा फैलाने और नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की।
मंगलवार की कार्रवाई का उद्देश्य इस कथित नेटवर्क के अन्य संपर्कों और गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त सबूत जुटाना बताया गया है। जांच एजेंसी अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की पड़ताल के साथ आरोपियों के बीच कथित संपर्कों की जांच कर रही है।
