रांची। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से 30 सितंबर को प्रस्तावित झारखंड बंद से एक दिन पहले मंगलवार को राजधानी रांची में मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस शहीद चौक से अलबर्ट एक्का चौक तक निकाला गया, जिसमें मोर्चा से जुड़े नेताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया।
मशालों की रोशनी में निकले इस जुलूस के जरिए आंदोलनकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई और लोगों से बंद में सहयोग करने की अपील की।
कई नेता मशाल जुलूस में हुए शामिल
मशाल जुलूस में पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता के अलावा मोर्चा के पुष्कर महतो, मो. आसिफ, अनथन लकड़ा, शीला कच्छप, रेखा देवी, केडी सिंह और करमा तिग्गा समेत कई नेता शामिल हुए।
इस दौरान पुष्कर महतो ने रांची के लोगों से झारखंड आंदोलनकारियों के समर्थन में 30 सितंबर के बंद को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 26 साल बीतने के बावजूद आंदोलनकारियों से जुड़े कई संकल्प और वादे पूरी तरह लागू नहीं हो पाए हैं।
सम्मान पेंशन और आश्रितों को नौकरी की मांग
पुष्कर महतो ने कहा कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी कई झारखंड आंदोलनकारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके मुताबिक आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में 50-50 हजार रुपये की सम्मान पेंशन और आश्रितों को नौकरी देने की मांग शामिल है।
मोर्चा का कहना है कि आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों की लंबित मांगों पर सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर संगठन ने 30 सितंबर को झारखंड बंद का आह्वान किया है।
झारखंड बंद को लेकर रांची में सुरक्षा बढ़ी
बंद को देखते हुए राजधानी रांची में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील इलाकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
वरीय पुलिस अधिकारियों की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अशांति की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी निगरानी
बंद के दौरान रांची के मुख्य मार्गों के साथ बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस-प्रशासन ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। साथ ही सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल राजधानी में बंद को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस-प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रख रहा है।
