छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव क्षेत्र की पहाड़ी पर शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अपने इकलौते बेटे को बचाने की कोशिश में माता-पिता की भी जान चली गई। इस हादसे में कुणाल, उसके पिता मुरलीधर चांदवडे और मां संगीता देवी की मौत हो गई।
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों शवों को घाटी सरकारी अस्पताल लाया गया। शवों को देखते ही परिजन और रिश्तेदार फूट-फूटकर रोने लगे। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी इस मार्मिक दृश्य को देखकर नम हो गईं।
राखी से पहले भाई को खोने का दर्द
मुरलीधर चांदवडे की तीन बहनें हैं। परिवार में करीब पांच महीने पहले एक भांजे की शादी हुई थी। किसी कारण से मुरलीधर उस शादी में शामिल नहीं हो सके थे। इसके बाद भाई-बहनों की मुलाकात नहीं हो पाई थी।
कुछ दिन पहले ही बहन और भांजे से फोन पर जल्द मिलने की बात हुई थी। लेकिन इससे पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घाटी अस्पताल में जब बहन ने अपने भाई का शव देखा तो वह खुद को संभाल नहीं सकीं।
बहन की चीख ने पूरे अस्पताल परिसर को गमगीन कर दिया। उन्होंने रोते हुए कहा, “अब 10 दिन बाद राखी पौर्णिमा है, मैं राखी बांधने के लिए किसे फोन करूंगी?”
उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों का कलेजा भर आया।
बेटे को समझाने के लिए मां ने जोड़े हाथ
बताया गया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पिता से विवाद के बाद 18 वर्षीय कुणाल खवड्या पहाड़ी पर चला गया था। पुलिस, दमकलकर्मी और ग्रामीण करीब तीन घंटे तक उसे समझाने की कोशिश करते रहे।
मां संगीता देवी ने भी बेटे को समझाने के लिए हाथ जोड़कर उससे वापस आने की अपील की। उन्होंने भावुक होकर बेटे से कहा कि अगर पिता से उसका विवाद है तो वह पति से अलग रहने के लिए तैयार हैं, लेकिन वह उन्हें छोड़कर न जाए।
रिपोर्ट के अनुसार, कुणाल ने अपनी मां से कहा कि उसकी बात कोई नहीं सुनता और अब उसे जीने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
बेटे को बचाने की कोशिश में पिता भी खाई में गिरे
इसके बाद कुणाल ने पहाड़ी से छलांग लगा दी। पास में मौजूद पिता मुरलीधर ने बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरी खाई में जा गिरे।
अपनी आंखों के सामने पति और बेटे को गिरता देखकर मां संगीता भी नीचे कूद गईं। हादसे में तीनों की मौत हो गई और चांदवडे परिवार पूरी तरह उजड़ गया।
एक साथ तीन मौतों से परिवार में मातम
इस घटना के बाद परिवार और रिश्तेदारों में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया के दौरान घाटी सरकारी अस्पताल में बेहद भावुक माहौल रहा।

