कतरास (धनबाद), 13 अक्टूबर 2026: कतरास-कोयलांचल बचाओ समिति ने ई-ब्लॉक मेगा प्रोजेक्ट को रद्द करने और रिहायशी बस्तियों की सुरक्षा की मांग को लेकर वार्ड संख्या 3 में जनजागरण अभियान और जनसभा आयोजित की। अभियान का नेतृत्व पूर्व पार्षद विनोद कुमार गोस्वामी ने किया।
समिति ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) प्रबंधन से कतरास, आकाशकिनारी से कुसुंडा तक वार्ड संख्या 1 से 11 के अंतर्गत आने वाली घनी आबादी पर प्रस्तावित खनन के प्रभाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। समिति का कहना है कि प्रबंधन सार्वजनिक रूप से बताए कि परियोजना से कितने परिवार प्रभावित होंगे और उनके पुनर्वास की व्यवस्था कहां की जाएगी।
विनोद कुमार गोस्वामी ने कहा कि प्रभावित होने की आशंका वाले इलाकों के निवासियों को अंधेरे में रखकर खनन संबंधी गतिविधियां आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।
वार्ड 1 से 11 तक की बस्तियों और बाजारों की सुरक्षा की मांग
समिति के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में मुख्य कतरास बाजार, पंचगढ़ी बाजार, रानी बाजार, छाताबाद, गुहीबांध, लेताल धौड़ा, बस स्टैंड क्षेत्र, आकाशकिनारी बस्ती, रामकनाली, केशलपुर, अंगारपथरा, सिजुआ, लोयाबाद और कुसुंडा के सीमांत क्षेत्र शामिल हैं।
समिति ने इन रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को खनन के दायरे से बाहर रखने की मांग की है। उसका कहना है कि इन क्षेत्रों में कई पीढ़ियों से लोग रह रहे हैं और यहां बड़ी संख्या में परिवारों के साथ दुकानें तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं।
हालांकि, परियोजना के कारण वास्तव में कितने परिवार प्रभावित होंगे, इस संबंध में BCCL प्रबंधन की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।

डीसी रेल लाइन आंदोलन का दिया उदाहरण
जनसभा को संबोधित करते हुए विनोद कुमार गोस्वामी ने डीसी रेल लाइन को दोबारा शुरू कराने के लिए चले आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह तीन वर्षों के संघर्ष के बाद रेल लाइन वापस लेने के लिए आंदोलन किया गया था, उसी तरह कतरास की जमीन और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कतरास की आबादी, बाजार और बस्तियों की सुरक्षा समिति की प्राथमिकता है। समिति ने प्रबंधन से परियोजना के संभावित प्रभाव, विस्थापन और पुनर्वास से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

BCCL प्रबंधन को चेतावनी, चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
कतरास-कोयलांचल बचाओ समिति ने कहा कि यदि BCCL प्रबंधन जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं करता है, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
समिति की घोषित आंदोलन योजना में निम्नलिखित कदम शामिल हैं:
- कतरास से कुसुंडा तक घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाना।
- BCCL के जीएम कार्यालय से लेकर कोयला भवन तक घेराव करना।
- मांगें पूरी नहीं होने पर कोयला ढुलाई बंद कराने और चक्का जाम करने जैसे कदम उठाना।
समिति ने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी BCCL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी। ये घोषणाएं समिति की ओर से की गई हैं; आंदोलन के अगले कार्यक्रमों की तारीख अभी विज्ञप्ति में नहीं बताई गई है।
जनसभा में सैकड़ों स्थानीय नागरिक हुए शामिल
जनजागरण अभियान और बैठक में किशन पंडित, बैलून रवानी, बिट्टू शर्मा, चुन्नू खान, राजीव कुमार जायसवाल, अजय शर्मा, अशोक उरांव, चंदन चौहान, प्रमोद साव, चीना बावरी, प्रदीप कुमार, प्रदीप कुमार बावरी, सूरज कुमार, सोल्जर कुमार, योगेंद्र कुमार भुइयां, राजेश भुइयां, करण कुमार और ईश्वर भुइयां सहित कई लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा चंचला देवी, मीरा देवी, पिंकी देवी, सोनिया देवी, लक्ष्मी देवी, संध्या देवी और जावा देवी सहित गुहीबांध, लेताल धौड़ा तथा आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों स्थानीय नागरिकों के शामिल होने की जानकारी दी गई।
समिति ने दोहराया कि उसका मुख्य उद्देश्य कतरास की रिहायशी बस्तियों और व्यावसायिक क्षेत्रों को संभावित खनन प्रभाव से बचाना तथा विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे पर स्पष्ट जानकारी हासिल करना है।

