धनबाद: कतरास के छाताबाद में भू-धंसान की घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। शनिवार को धंसान प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे धनबाद सांसद ढुल्लू महतो को स्थानीय महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान महिलाओं ने नारेबाजी भी की। बाद में सांसद के समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को वहां से हटाया।
घटना के बाद प्रभावित परिवार अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थान की तलाश करते नजर आए। कई लोग घर खाली करते हुए भी देखे गए।
सांसद के पहुंचने पर महिलाओं ने किया विरोध
छाताबाद में धंसान स्थल पर सांसद ढुल्लू महतो के पहुंचने के बाद कुछ महिलाओं ने उनका विरोध किया। मौके पर नारेबाजी भी हुई। स्थिति को देखते हुए सांसद के समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया।
भीड़ में गिरिडीह सांसद के खिलाफ भी नारे लगाए जाने की बात सामने आई है।
सांसद ढुल्लू महतो ने घटना के लिए जिला प्रशासन और BCCL को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को जल्द राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
मेयर पर बिना नाम लिए साधा निशाना
सांसद ने बिना नाम लिए धनबाद के मेयर संजीव सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता प्रभावित लोगों से मिलने के साथ कथित तौर पर कोयला चोरी से जुड़े लोगों को भी वहां ला रहे हैं।
यह सांसद का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घर खाली कर रहे प्रभावित परिवार
भू-धंसान के बाद छाताबाद में रहने वाले परिवारों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई स्थानीय लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर दूसरी जगह आशियाना तलाश रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक जमीन धंसने की घटना ने उनके सामने सुरक्षा और रहने की समस्या खड़ी कर दी है। प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी उठ रही है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं धंसान की घटनाएं
छाताबाद में भू-धंसान की यह पहली घटना नहीं बताई जा रही है। करीब एक महीने पहले छाताबाद नंबर चार ग्राउंड के पास एक तालाब में बड़ा गोफ बन गया था। इसके बाद तालाब का पानी जमीन में समा गया था और आसपास के कई घर भी प्रभावित हुए थे।
इस घटना के बाद इलाके में भूमिगत खनन और जमीन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।
अवैध खनन और सुरक्षा पिलर को लेकर उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि अवैध खनन के दौरान BCCL द्वारा छोड़े गए सुरक्षा पिलरों को कथित तौर पर काटे जाने से जमीन का सपोर्ट कमजोर हुआ है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों के बीच लंबे समय से यह चिंता भी जताई जाती रही है कि कतरास-बाघमारा क्षेत्र में भूमिगत खनन के कारण कई स्थानों पर जमीन धंसने का खतरा बना हुआ है।
इससे पहले टांडाबाड़ी बस्ती में भी तेज धमाके के बाद करीब 15 फीट जमीन धंसने और 21 घरों के जमींदोज होने की घटना सामने आने का उल्लेख किया जा रहा है।
छाताबाद की घटना ने बढ़ाई चिंता
छाताबाद में दर्जनों घरों के प्रभावित होने और दो मंजिला मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद इलाके में अनिश्चितता और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
सांसद ढुल्लू महतो ने भी प्रभावित लोगों को जल्द राहत दिलाने का भरोसा दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासन और BCCL की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदमों पर है।

