रांची: झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में 14वीं जेपीएससी पीटी समेत कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा को भी रद्द करने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है।
14वीं JPSC PT समेत कई परीक्षाएं रद्द
मुख्यमंत्री के अनुसार कैबिनेट ने 14वीं जेपीएससी पीटी के अलावा बैकलॉग 2023 और 2025 की परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला किया है।
इसके अलावा टीडीपीएल द्वारा आयोजित की गई कई परीक्षाओं को भी रद्द करने की बात कही गई है। इनमें 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा पीटी, झारखंड पात्रता परीक्षा (JET), सहायक लोक अभियोजक, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज, सिविल जज जूनियर, झारखंड वन रक्षक प्रतियोगिता परीक्षा और झारखंड पीजीटी परीक्षा शामिल हैं।
JSSC CGL परीक्षा भी रद्द
राज्य सरकार ने जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीजीएल परीक्षा की जांच के लिए गठित एसआईटी और सीआईडी की रिपोर्ट में कथित गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जेपीएससी पीटी में पकड़े गए एक छात्र की भूमिका सीजीएल परीक्षा में भी सामने आने की बात जांच में आई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है।
JPSC-JSSC सुधार के लिए बनी कमेटी
राज्य सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में रिफॉर्म्स कमेटी गठित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाओं के संचालन के लिए पहले से एसओपी मौजूद है। उनका कहना था कि यदि निर्धारित एसओपी का सही तरीके से पालन किया गया होता तो ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न नहीं होतीं।
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। प्राप्त सुझावों को आगे की प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही गई है।
2014 से अब तक हुई परीक्षाओं की जांच का फैसला
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक आयोजित सभी संबंधित परीक्षाओं की जांच कराने का निर्णय लिया है। इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से गठित मंत्रियों की कमेटी ने पिछले दिनों कई दौर की बातचीत की थी। सीजीएल समेत अन्य परीक्षाओं की जांच सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के न्यायाधीश से कराने का प्रस्ताव भी सामने आया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाकर सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
खनिज संशोधन को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा माइंस एंड मिनरल डेवलपमेंट एक्ट में किए गए संशोधन से खनिज पर राज्य को मिलने वाले सेस से जुड़े अधिकार प्रभावित हुए हैं। इस मुद्दे पर जल्द विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा भी उन्होंने की।
छात्र आंदोलन के 24वें दिन सरकार के इन फैसलों को प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

