23 सितंबर को तीन नए न्यायाधीश लेंगे शपथ
रांची। झारखंड हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद अब उनके शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस कैडर के तीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) 23 सितंबर को हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को पूर्वाह्न 10:15 बजे झारखंड हाईकोर्ट के ग्राउंड फ्लोर पर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा बनेंगे हाईकोर्ट जज
शपथ लेने वाले तीन न्यायाधीशों में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा शामिल हैं। मंगलवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश सिन्हा ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
तीनों न्यायाधीश न्यायिक सेवा और वकालत के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं। उनकी नियुक्ति के बाद झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कार्यक्षमता और न्यायिक कामकाज से जुड़ी व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 16 होगी
वर्तमान में झारखंड हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस एमएस सोनक सहित कुल 13 न्यायाधीश कार्यरत हैं। तीन नए न्यायाधीशों के शपथ लेने के बाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 16 हो जाएगी।
हालांकि, हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 25 है। ऐसे में तीन नई नियुक्तियों के बाद भी स्वीकृत पदों के मुकाबले कुछ पद रिक्त रहेंगे।
कौन हैं नए न्यायाधीश?
मनोज प्रसाद
मनोज प्रसाद का जन्म 16 नवंबर 1973 को देवघर में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1999 में बिहार स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया था।
उन्होंने देवघर जिला न्यायालय के साथ-साथ झारखंड हाईकोर्ट में मुख्य रूप से दीवानी मामलों की वकालत की। बाद में उन्होंने न्यायिक सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
अखिल कुमार
अखिल कुमार का जन्म 6 जनवरी 1972 को पटना में हुआ था। वर्ष 1999 में अधिवक्ता बनने के बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों में सिविल तथा क्रिमिनल मामलों की प्रैक्टिस की।
उन्होंने 4 मई 2012 को न्यायिक सेवा में प्रवेश किया। उन्हें सीधे जिला न्यायाधीश के रूप में न्यायिक सेवा में शामिल किया गया था।
राम शर्मा
राम शर्मा का जन्म 7 जुलाई 1968 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1994 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया।
उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और दिल्ली की विभिन्न जिला अदालतों में दीवानी एवं आपराधिक मामलों की वकालत की। न्यायिक क्षेत्र में अनुभव के बाद अब वह झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे।
न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद
तीनों नए न्यायाधीशों के शपथ लेने के बाद झारखंड हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यों के संचालन के लिए उपलब्ध न्यायाधीशों की संख्या बढ़ेगी। इससे लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों के निष्पादन में मदद मिलने की उम्मीद है।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

