पटना। बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामलों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (तकनीकी) कमलेश कुमार से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
ईओयू की अलग-अलग टीमों ने वैशाली और पटना स्थित परिसरों के साथ-साथ भवन निर्माण निगम के कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य कागजात की जांच की गई।
ज्ञात आय से 3.12 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति का आरोप
ईओयू के अनुसार, प्रारंभिक सत्यापन में कमलेश कुमार के पास उनकी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों की तुलना में लगभग 3 करोड़ 12 लाख 51 हजार रुपये अधिक संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है।
यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 103.30 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
ईओयू को विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद मंगलवार सुबह चारों स्थानों पर कार्रवाई शुरू की गई।
इन चार ठिकानों पर पहुंची EOU की टीम
कमलेश कुमार से जुड़े निम्नलिखित चार स्थानों पर तलाशी ली गई—
- वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र स्थित पैतृक आवास
- पटना के एसके पुरी स्थित मनमोहन अपार्टमेंट का फ्लैट
- पटना के राजीव नगर रोड नंबर-25सी स्थित मेघा बिल्डिंग
- बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (तकनीकी) का कार्यालय कक्ष
ईओयू की टीमों ने इन परिसरों में संपत्ति से जुड़े कागजात, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की।
21 सितंबर को दर्ज हुआ था मामला
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कमलेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में 21 सितंबर 2026 को ईओयू थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद विशेष निगरानी अदालत से तलाशी की अनुमति प्राप्त की गई।
मामले में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों को छापेमारी के लिए लगाया गया। जांच एजेंसी का उद्देश्य कमलेश कुमार की ज्ञात आय और उनके नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच अंतर की जांच करना है।
तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी
फिलहाल ईओयू की कार्रवाई में बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार है। एजेंसी की ओर से तलाशी पूरी होने के बाद आगे की जानकारी साझा किए जाने की बात कही गई है।
आय से अधिक संपत्ति का आरोप अभी जांच के दायरे में है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

