जमुई। बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामला 19 सितंबर 2026 की शाम का बताया जा रहा है, जब जमुई शहर के एक निजी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र-छात्रा कोचिंग के बाद स्कूटी से मड़वा पहाड़ की ओर गये थे।
लौटने के दौरान जमुई-लखीसराय रोड पर कथित तौर पर 6-7 युवकों ने दोनों को रोक लिया। इसके बाद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। घटना से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया।
सड़क पर रोककर छात्र-छात्रा से की गई बदसलूकी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच दोनों नाबालिग स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान युवकों के एक समूह ने उन्हें रास्ते में घेर लिया।
वायरल वीडियो में छात्रा हाथ जोड़कर युवकों से छोड़ देने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है। इसके बावजूद उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी और अनुचित शारीरिक व्यवहार किया गया। छात्र के साथ भी अभद्रता किए जाने की बात सामने आयी है।
घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में करीब एक मिनट 35 सेकेंड के दो वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गये।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने लिया स्वतः संज्ञान
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस को पीड़ित परिवार की ओर से तत्काल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली थी। इसके बावजूद जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया।
एसपी विश्वजीत दयाल के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर पीड़ित छात्र-छात्रा की पहचान कर ली गयी है। पुलिस उनसे संपर्क कर रही है और मामले से जुड़ी जानकारी जुटायी जा रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों की पहचान और निजता की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
POCSO और BNS की धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी
जिलाधिकारी नवीन के निर्देश पर जमुई सदर थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस ने POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने में जुटी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच के दौरान नाबालिग पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जा रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, घटना में शामिल अन्य युवकों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुल सात लोगों के इस घटना में शामिल होने की बात सामने आयी है। पुलिस बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी
पुलिस और जिला प्रशासन ने इस मामले में नाबालिग छात्र-छात्रा की निजता को प्राथमिकता देने की बात कही है। इसी कारण पीड़ितों और आरोपियों से जुड़ी अपुष्ट पहचान संबंधी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।

