धनबाद: अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और शोध सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए IIT (ISM) धनबाद के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब TEXMiN फाउंडेशन और नॉर्वे के UiT – द आर्कटिक यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्वे के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नॉर्वे सरकार के UTFORSK कार्यक्रम से वित्तपोषित सस्टेनेबल एजुकेशन, एक्सचेंज एंड रिसर्च (SEER) परियोजना के तहत हुआ।
शोध, नवाचार और तकनीकी विकास पर रहेगा फोकस
एमओयू के तहत दोनों संस्थान शोध, नवाचार, तकनीक विकास, उद्यमिता और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इसके अलावा छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में सतत खनन, क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत प्रौद्योगिकी, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और आर्कटिक क्षेत्र से संबंधित शोध शामिल हैं।

संयुक्त पाठ्यक्रम और शोध परियोजनाओं पर बनी रणनीति
बैठक के दौरान दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त पाठ्यक्रम, शोध परियोजनाओं, फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीयकरण गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही भविष्य में शैक्षणिक और शोध सहयोग को मजबूत करने के लिए एक साझा रोडमैप भी तैयार किया गया। इस अवसर पर IIT (ISM) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार, UiT के वाइस रेक्टर, SEER परियोजना के प्रधान अन्वेषक प्रो. दिलीप कुमार प्रसाद सहित दोनों संस्थानों के शिक्षक, शोधकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
छात्रों को मिलेंगे अंतरराष्ट्रीय अवसर
चर्चा का एक प्रमुख विषय SEER परियोजना के तहत IC3 गतिविधियों और 32 छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय मोबिलिटी अवसरों की प्रगति रहा। इस पहल से छात्रों को वैश्विक स्तर पर सीखने, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ कार्य करने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में शोध करने के अवसर प्राप्त होंगे। दोनों संस्थानों ने संयुक्त मास्टर्स और संयुक्त पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया, जिससे छात्रों और शोधकर्ताओं को साझा विशेषज्ञता तथा संयुक्त मार्गदर्शन का लाभ मिल सकेगा।
संस्थान की वैश्विक पहुंच को मिलेगा विस्तार
IIT (ISM) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि वैश्विक साझेदारियां वर्तमान समय की जटिल चुनौतियों के समाधान और प्रभावी शोध परिणामों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि UiT और TEXMiN के बीच यह सहयोग छात्रों और शिक्षकों के लिए नवाचार, अकादमिक उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के नए द्वार खोलेगा। उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि इस प्रकार की साझेदारियां संस्थान की वैश्विक पहुंच को मजबूत करने के साथ-साथ शोध और शिक्षण के नए अवसर भी उपलब्ध कराती हैं। यह समझौता IIT (ISM) धनबाद और UiT – द आर्कटिक यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्वे के बीच बढ़ते सहयोग का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इससे भारत और नॉर्वे के बीच उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

