भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC) के तहत शुक्रवार से 24 दिवसीय ऑनलाइन गुरु दक्षता फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम (Faculty Induction Program – FIP) की शुरुआत हुई। 3 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में नव नियुक्त शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों और पेशेवर दक्षताओं से सशक्त बनाना है।
ऑनलाइन उद्घाटन के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन एमएमटीटीसी की निदेशक प्रो. मृणालिनी पांडेय ने ऑनलाइन माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि संस्थान पिछले कुछ वर्षों से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है।
उन्होंने बताया कि नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम (NFLP), फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) और कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम (CBP) जैसे कार्यक्रम शिक्षकों के पेशेवर विकास और संस्थागत क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
नए शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से कराया जाएगा परिचित
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रोहित पी. जॉन ने बताया कि यह इंडक्शन प्रोग्राम उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक शैक्षणिक परिवेश में शिक्षकों के लिए अपने शिक्षण, मार्गदर्शन और मेंटरिंग कौशल को लगातार विकसित करना आवश्यक है। कार्यक्रम का समापन 29 जुलाई 2026 को होगा।
24 संस्थानों के विशेषज्ञ देंगे 48 व्याख्यान
कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से बड़ी संख्या में शिक्षक भाग ले रहे हैं। अगले 24 दिनों में देश के 24 प्रमुख शिक्षण संस्थानों के 24 प्रतिष्ठित शिक्षाविद प्रतिभागियों को कुल 48 व्याख्यान देंगे।
पहला व्याख्यान प्रो. कुमार सुरेश ने दिया, जिसमें उन्होंने उच्च शिक्षा में वैश्विक रुझानों, सुधारों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
दस प्रमुख मॉड्यूल पर मिलेगा प्रशिक्षण
फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम के तहत प्रतिभागियों को उच्च शिक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें उच्च शिक्षा का इकोसिस्टम, पाठ्यक्रम निर्माण, आउटकम बेस्ड लर्निंग, चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, शिक्षण एवं मूल्यांकन, शैक्षणिक तकनीक, व्यक्तिगत एवं भावनात्मक विकास, काउंसलिंग, शोध, प्रोफेशनल डेवलपमेंट, अकादमिक नेतृत्व, अकादमिक ईमानदारी, संवैधानिक मूल्य, मानवाधिकार, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास लक्ष्य तथा रणनीतिक योजना एवं प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता को विकसित कर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाना है।

