IIT ISM धनबाद में डिवाइस-सर्किट को-डिजाइन पर 12 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स शुरू

IIT ISM धनबाद में डिवाइस-सर्किट को-डिजाइन पर 12 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स शुरू

धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की ओर से सोमवार को ‘डिवाइस-सर्किट को-डिजाइन: फ्रॉम इमर्जिंग मैटेरियल्स टू इंटेलिजेंट सिस्टम्स’ विषय पर 12 दिवसीय हाइब्रिड रिफ्रेशर कोर्स की शुरुआत हुई। कार्यक्रम मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम (एमएमटीटीपी) और एमएमटीटीसी-यूजीसी पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन एमएमटीटीसी के आई2एच बिल्डिंग में किया गया। इसमें आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के डीन, आरएंडडी प्रो. पार्थसारथि दास मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आईआईटी कानपुर के प्रो. शुभम सहाय विशिष्ट रिसोर्स पर्सन के रूप में मौजूद रहे।

111 प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन ले रहे प्रशिक्षण

कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के हेड प्रो. सुबिंदु कुमार, कोर्स कोऑर्डिनेटर प्रो. मनोदीपन साहू और को-कोऑर्डिनेटर प्रो. राजीव कुमार रंजन समेत शिक्षक, छात्र और प्रतिभागी मौजूद रहे।

स्वागत संबोधन में प्रो. मनोदीपन साहू ने बताया कि रिफ्रेशर कोर्स में करीब 111 प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से हिस्सा ले रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अगले दो सप्ताह के दौरान आईआईटी, आईआईएससी, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं और अन्य शोध संस्थानों के विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान और तकनीकी चर्चा करेंगे।

क्रिटिकल मिनरल्स से इंटेलिजेंट सिस्टम तक रिसर्च पर जोर

प्रो. मनोदीपन साहू ने कहा कि कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स और उभरती सामग्रियों से लेकर सेमीकंडक्टर डिवाइसेज, सर्किट्स और इंटेलिजेंट सिस्टम्स तक शोध के विभिन्न क्षेत्रों को आपस में जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि देश में स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए क्रिटिकल मैटेरियल्स एवं मिनरल्स के क्षेत्र में होने वाले शोध को डिवाइस और सिस्टम डेवलपमेंट से जोड़ना महत्वपूर्ण है।

आईआईटी कानपुर के प्रो. शुभम सहाय ने आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में को-डिजाइन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिवाइस और सर्किट को अलग-अलग देखने के बजाय पूरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के प्रदर्शन को ध्यान में रखना जरूरी है।

उन्होंने भारत में स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

हेल्थकेयर और ऊर्जा से जोड़ने पर जोर

मुख्य अतिथि प्रो. पार्थसारथि दास ने इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्ट मैटेरियल्स और डिवाइस-सर्किट डिजाइन को हेल्थकेयर, ऊर्जा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि विभिन्न विषयों को एक साथ जोड़कर किया जाने वाला इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

48 तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञ देंगे जानकारी

रिफ्रेशर कोर्स के दौरान इमर्जिंग और क्रिटिकल मैटेरियल्स, सेमीकंडक्टर डिवाइसेज, डिवाइस मॉडलिंग एवं फैब्रिकेशन, इंटीग्रेटेड फोटोनिक्स, वीएलएसआई, कम्युनिकेशन, माइक्रोवेव एवं आरएफ, सर्किट डिजाइन और इंटेलिजेंट सिस्टम्स जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न आईआईटी, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं, इसरो/एससीएल और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ कुल 48 तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव और शोध संबंधी जानकारी साझा करेंगे।

कार्यक्रम का समापन 22 अगस्त को वैलेडिक्टरी सेशन के साथ होगा।

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