सिंदरी: एफसीआई प्रबंधन द्वारा डोमगढ़, मनोहरटांड़ और एसएल-2 आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया तेज किए जाने के बीच सिंदरी में विरोध भी तेज हो गया है। बेदखली के खिलाफ गठित सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा ने 29 जून को एफसीआई के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय महाधरना आयोजित करने का निर्णय लिया है। आंदोलन की तैयारी को लेकर शनिवार को सिंदरी स्थित साईं बाबा मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समाजसेवी शामिल हुए।
बेदखली के विरोध में एकजुट हो रहे लोग
बैठक में मोर्चा के संयोजक एवं झारखंड पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक रवींद्र सिंह ने कहा कि एफसीआई प्रबंधन द्वारा आवासों को खाली कराने की कार्रवाई से हजारों परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिंदरी के लोगों की एकजुटता ही इस लड़ाई को मजबूत बनाएगी।
बैठक में उपस्थित लोगों ने आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने पर सहमति जताई और अधिक से अधिक लोगों से महाधरना में शामिल होने की अपील की।
28 जून को निकलेगी बाइक रैली
मोर्चा ने बताया कि महाधरना से पहले 28 जून की सुबह सिंदरी साईं बाबा मंदिर से बाइक रैली निकाली जाएगी। यह रैली पूरे सिंदरी क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों को आंदोलन से जोड़ने और जागरूक करने का कार्य करेगी।
मोर्चा ने सिंदरी के प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सदस्य को 29 जून के धरना कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
FCI प्रबंधन को भेजा गया सूचना पत्र
मोर्चा के अनुसार एफसीआई प्रबंधन को प्रस्तावित धरना की सूचना पत्र के माध्यम से दे दी गई है। साथ ही मांग की गई है कि सिंदरी में रह रहे लोगों को 33 वर्ष की लीज अवधि के आधार पर रियायती दर पर आवास उपलब्ध कराया जाए।
मोर्चा का कहना है कि यदि वार्ता के दौरान सकारात्मक समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यदि 29 जून के धरना के बाद भी एफसीआई प्रबंधन कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो 15 दिन बाद प्रबंधन कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर 21 जुलाई को सिंदरी में आर्थिक नाकेबंदी का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में महिलाओं एवं नागरिकों ने भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

