धनबाद: ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) ने आगरा कैंट के उप स्टेशन अधीक्षक (डीएसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना की कड़ी निंदा की है। यूनियन ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
महिला यात्री की सुरक्षा के दौरान निभा रहे थे ड्यूटी
यूनियन के अनुसार, श्री नरेंद्र सिंह चाहर ने एक महिला यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए ट्रेन को कुछ समय के लिए रुकवाया था। संगठन का कहना है कि ऐसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के साथ कथित मारपीट की घटना न केवल एक कर्मचारी पर हमला है, बल्कि भारतीय रेल की सेवा भावना और कार्य संस्कृति पर भी आघात है।

रेलवे बोर्ड से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने रेलवे बोर्ड से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही कथित रूप से दोषी आरपीएफ कर्मियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। फेडरेशन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और पारस्परिक सम्मान सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की है।

कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना जरूरी: यूनियन
यूनियन के महामंत्री एस.एन.पी. श्रीवास्तव, अपर महामंत्री मोहम्मद जियाउद्दीन तथा संयुक्त बयान जारी करने वाले ओ.पी. शर्मा, नेताजी सुभाष और नीलकमल खवास ने कहा कि रेलवे कर्मचारी दिन-रात यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कार्य करते हैं। ऐसे कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी कर्मचारी के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
रिपोर्टर: संजय कुमार, न्यूज़ ANP

