दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 पेट्रोल को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि अगर गोवा में बीजेपी चुनाव हार जाती है तो कुछ ही दिनों में E-20 का फैसला वापस हो जाएगा।
केजरीवाल ने यह बात मंगलवार, 25 अगस्त को गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान कही।
‘बीजेपी को सरकार बनने का अहंकार है’
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी को भरोसा है कि चुनाव के बाद उसकी ही सरकार बनेगी और जनता उसे ही वोट देगी।
उन्होंने कहा कि अगर गोवा और उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा तो 15 मार्च तक E-20 का फैसला वापस हो सकता है।
‘5 दिन में E-20 वापस नहीं हुआ तो राजनीति छोड़ दूंगा’
केजरीवाल ने गोवा के लोगों से E-20 के खिलाफ वोट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर गोवा के लोग एकजुट होकर बीजेपी को वोट नहीं देते हैं तो पांच दिन के अंदर E-20 को वापस कराया जा सकता है।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर गोवा में बीजेपी की हार के बाद पांच दिनों में E-20 वापस नहीं हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
गोवा में E-20 से सबसे ज्यादा परेशानी का दावा
केजरीवाल ने दावा किया कि गोवा E-20 पेट्रोल से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के पास दोपहिया और चारपहिया वाहन हैं और E-20 की वजह से उन्हें परेशानी हो रही है।
उन्होंने दावा किया कि 1 अप्रैल 2026 से देशभर के पेट्रोल पंपों पर E-20 पेट्रोल ही मिल रहा है और सामान्य पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। केजरीवाल के मुताबिक, इथेनॉल मिलाने की वजह से वाहनों का माइलेज भी कम हो रहा है।
इथेनॉल और चीनी की कीमतों को लेकर भी सवाल
केजरीवाल ने E-20 के साथ इथेनॉल और चीनी की कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल बनाने के लिए गन्ने का इस्तेमाल बढ़ने से चीनी की उपलब्धता पर असर पड़ा है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले एक महीने में चीनी की कीमत 45 रुपये से बढ़कर करीब 75 रुपये प्रति किलो हो गई है।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने एक तरफ इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाया और दूसरी तरफ चीनी महंगी हो गई। हालांकि, चीनी की कीमतों और E-20 के बीच संबंध को लेकर उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

