धनबाद: धनबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद ढुलू महतो ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी को कथित मानहानिकारक आरोपों के संबंध में ₹2 करोड़ का कानूनी नोटिस भेजा है। सांसद की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए नोटिस में सात दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने, कथित आरोप वापस लेने, सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म से संबंधित सामग्री हटाने तथा ₹2 करोड़ की क्षतिपूर्ति देने की मांग की गई है।
प्रेस वार्ता और सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों का जिक्र
कानूनी नोटिस के अनुसार, विधायक अरूप चटर्जी ने एक प्रेस वार्ता और उसके बाद विभिन्न प्रिंट, डिजिटल तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सांसद ढुलू महतो और उनके परिवार के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए। नोटिस में दावा किया गया है कि ये आरोप झूठे, निराधार और मानहानिकारक हैं तथा इनके व्यापक प्रसार से सांसद और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि बिना किसी विश्वसनीय साक्ष्य के सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों से सांसद की सामाजिक, व्यक्तिगत और सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई है।
नोटिस में रखी गईं प्रमुख मांगें
कानूनी नोटिस के माध्यम से विधायक अरूप चटर्जी से निम्न मांगें की गई हैं—
- नोटिस प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर सांसद ढुलू महतो और उनके परिवार से बिना शर्त सार्वजनिक लिखित माफी मांगी जाए।
- प्रेस वार्ता और अन्य माध्यमों से दिए गए कथित मानहानिकारक बयानों को सार्वजनिक रूप से वापस लिया जाए।
- सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों पर उपलब्ध संबंधित वीडियो, पोस्ट और अन्य सामग्री हटाई जाए तथा अन्य प्लेटफॉर्म से हटाने का भी प्रयास किया जाए।
- भविष्य में सांसद और उनके परिवार के विरुद्ध कथित झूठे या मानहानिकारक बयान देने से परहेज किया जाए।
- कथित प्रतिष्ठा हानि, मानसिक पीड़ा और सामाजिक अपमान के लिए ₹2 करोड़ की क्षतिपूर्ति अदा की जाए।
मांगें पूरी नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर इन मांगों का पालन नहीं किया गया तो सांसद की ओर से सक्षम न्यायालय में दीवानी और आपराधिक कानूनी कार्रवाई सहित उपलब्ध सभी वैधानिक उपाय अपनाए जाएंगे।
सांसद ढुलू महतो ने क्या कहा
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन बिना तथ्य और प्रमाण के किसी पर झूठे एवं मानहानिकारक आरोप लगाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता, तथ्यपरकता और जवाबदेही का पालन होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि सत्य, सम्मान और कानून के शासन की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति निराधार आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

