अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नकद दान की तुलना में अब अधिक श्रद्धालु डिजिटल माध्यम से दान कर रहे हैं। इसके चलते मंदिर को मिलने वाला दैनिक चढ़ावा पहले की तुलना में बढ़ गया है।
डिजिटल दान से बढ़ी मंदिर की आय
सूत्रों के मुताबिक, पहले मंदिर को प्रतिदिन औसतन करीब 18 लाख रुपये का दान प्राप्त होता था। अब यह राशि बढ़कर 22 से 24 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि चढ़ावा चोरी विवाद के बाद श्रद्धालुओं ने क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए दान करना अधिक पसंद किया है।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था से दान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है और श्रद्धालुओं का भरोसा भी बढ़ा है।
श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी
दान में बढ़ोतरी के बावजूद मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है। पहले प्रतिदिन करीब 1.5 से 1.8 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, जबकि अब यह संख्या घटकर लगभग 1.2 से 1.4 लाख प्रतिदिन रह गई है।
एसआईटी कर रही है मामले की जांच
चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। जांच के दौरान अब तक करीब 82 लाख रुपये बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी की कुल राशि कितनी थी और इस मामले में किन लोगों की भूमिका रही।
सुरक्षा और डिजिटल व्यवस्था होगी और मजबूत
सूत्रों के अनुसार, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और दान प्रणाली को और मजबूत बनाने की तैयारी की जा रही है। मंदिर परिसर में डिजिटल भुगतान सुविधाओं का विस्तार और निगरानी तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
मंदिर से जुड़े संतों और प्रशासन का कहना है कि डिजिटल दान प्रणाली ने श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ाया है और आगे भी दान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

