धनबाद। तोपचांची प्रखंड के खुरडीह, नेपेयडीह, लक्ष्मणपुर और कतरी नदी क्षेत्र में संचालित स्टोन माइंस को लेकर मामला अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) तक पहुंच गया है। धनबाद जिला परिषद उपाध्यक्ष सरिता देवी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि क्षेत्र में चल रही स्टोन माइंस से पर्यावरण और जलस्रोतों पर कथित रूप से गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
प्रेस वार्ता सरिता देवी के आवास पर आयोजित की गई। इस दौरान गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी भी मौजूद रहे।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद उठाया मामला
सरिता देवी के अनुसार, ग्रामीणों की शिकायत और मीडिया में मामला सामने आने के बाद उन्होंने इस मुद्दे का संज्ञान लिया। इसके बाद संबंधित मामले की जानकारी जुटाकर प्रशासन के समक्ष शिकायत की गई।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद प्रखंड कार्यालय में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी। हालांकि प्रशासन ने जांच का हवाला देते हुए धरना स्थगित करने को कहा।
कार्रवाई नहीं होने पर NGT का रुख
सरिता देवी ने कहा कि जांच और कार्रवाई को लेकर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आने के बाद जनहित और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से मामले को NGT तक ले जाया गया है।
उनके मुताबिक अब इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। अगली सुनवाई में ट्रिब्यूनल उपलब्ध अभिलेखों और संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार कर सकता है।
जलस्रोत और ग्रामीणों के हितों की रक्षा का दावा
प्रेस वार्ता में सरिता देवी ने कहा कि कतरी नदी क्षेत्र के जलस्रोत और ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी कानूनी और लोकतांत्रिक प्रयास जारी रहेंगे।
उन्होंने क्षेत्र में स्टोन माइंस से जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों के मामले को जनहित का विषय बताते हुए कहा कि इस दिशा में आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

