धनबाद: ग्रामीण कार्य प्रमंडल धनबाद में पिछले करीब 20 वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत निम्न वर्गीय लिपिक साधन मंडल के खिलाफ वित्तीय अनियमितता और निविदा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में इंजीनियर एवं संवेदक राम नरेश सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव को शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने विभिन्न प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई और स्थानांतरण की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि NEWS ANP द्वारा नहीं की गई है।
क्वालिटी कंट्रोल रिपोर्ट में हेरफेर का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संवेदकों से संबंधित B.I.T. सिंदरी की क्वालिटी कंट्रोल रिपोर्ट में कथित तौर पर बदलाव किया जाता है। इसके अलावा जूनियर इंजीनियर की Measurement Book से पन्ने निकालकर नए पन्ने लगाने और मापी में कथित बदलाव किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने इन बिंदुओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
रॉयल्टी कटौती और भुगतान प्रक्रिया पर भी सवाल
शिकायत के अनुसार, कुछ विपत्रों से नियमानुसार रॉयल्टी की कटौती नहीं किए जाने से सरकारी राजस्व को नुकसान होने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा समय पर काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों को कथित तौर पर बैक डेट में अतिरिक्त समय देने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ता ने क्वालिटी और अनुभव प्रमाणपत्रों में भी कथित हेरफेर की जांच की मांग की है।
तीन साल से अधिक समय से तैनाती को लेकर उठाया सवाल
शिकायतकर्ता ने वित्त विभाग के 28 अप्रैल 2026 के निर्देश का भी हवाला दिया है। आरोप है कि निर्देश के तहत तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही कार्यालय या प्रमंडल में कार्यरत लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक और निम्न वर्गीय लिपिक समेत संबंधित कर्मियों को वित्तीय कार्यों से अलग कर अनिवार्य स्थानांतरण का प्रावधान किया गया है।
इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने साधन मंडल के स्थानांतरण की मांग भी की है।
Measurement Book और वित्तीय कार्यों की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने धनबाद ग्रामीण कार्य प्रमंडल में वित्तीय कार्यों और Measurement Book की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्यपालक अभियंता से नहीं मिल सका पक्ष
मामले में ग्रामीण कार्य प्रमंडल धनबाद के कार्यपालक अभियंता प्रयाग सिंह का पक्ष जानने के लिए NEWS ANP की ओर से कार्यालय में संपर्क करने का प्रयास किया गया। हालांकि, उनके कार्यालय में मौजूद नहीं होने की जानकारी मिली और फोन पर भी संपर्क नहीं हो सका।
इस कारण इस मामले में विभाग का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आ सका है। विभागीय प्रतिक्रिया मिलने के बाद उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।

