धनबाद: पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से धनबाद में पेपरलेस पासपोर्ट सेवा शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत दस्तावेजों के सत्यापन से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन तक अधिकांश प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और आवेदकों को पहले की तुलना में कम समय में पासपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन होगी पूरी सत्यापन प्रक्रिया
नई प्रणाली के तहत पासपोर्ट सेवा केंद्र में दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारी डिजिटल हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद सत्यापन रिपोर्ट ऑनलाइन माध्यम से सीधे क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट तैयार होने के बाद आवेदक को भी डिजिटल माध्यम से इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस व्यवस्था से दस्तावेजों के आदान-प्रदान में लगने वाला समय कम होगा और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
पुलिस वेरिफिकेशन भी हुआ डिजिटल
नई व्यवस्था के तहत पुलिस सत्यापन भी संबंधित थाने के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर किया जाएगा। इससे कागजी फाइलों के आदान-प्रदान की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी और सत्यापन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज होगी।
धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने बताया कि यह प्रणाली 1 अगस्त से लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद लंबित मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है।
लंबित मामलों में आई बड़ी कमी
एसएसपी प्रभात कुमार के अनुसार, पहले पुलिस वेरिफिकेशन के करीब 1300 मामले लंबित थे, लेकिन ऑनलाइन प्रणाली लागू होने के बाद यह संख्या घटकर लगभग 580 रह गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था से लोगों को जल्द पासपोर्ट मिलेगा और अनावश्यक देरी की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अब पुलिस और पासपोर्ट विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे रिपोर्ट समय पर भेजी जा रही है और पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन गई है।
एक सप्ताह में पूरा होगा पुलिस वेरिफिकेशन
एसएसपी ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आम नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएगी।
नई पेपरलेस पासपोर्ट सेवा के लागू होने से धनबाद के नागरिकों को तेज, पारदर्शी और डिजिटल सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था समय की बचत के साथ-साथ सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगी।

