धनबाद, झारखंड। कतरास-जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ काली मंदिर के समीप मंगलवार सुबह अचानक हुए भयानक भू-धंसान से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भू-धंसान की चपेट में आने से कई घर जमींदोज हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के दौरान कुछ लोग मलबे में दब गए थे। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
मलबे में दबे लोगों को ग्रामीणों ने निकाला
भू-धंसान की घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय ग्रामीणों ने राहत कार्य करते हुए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।
हालांकि, इस घटना में कितने लोग प्रभावित हुए और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। प्रशासनिक स्तर से घटना की विस्तृत जांच और नुकसान के आकलन का इंतजार किया जा रहा है।
भू-धंसान के कारणों का अभी नहीं चला पता
घटना के वास्तविक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। स्थानीय ग्रामीणों ने भू-धंसान की घटना को लेकर अवैध कोयला खनन की आशंका जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में इस मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि भू-धंसान के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। हालांकि, अवैध खनन और भू-धंसान के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए मुख्य मार्ग जाम
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कतरास-सिजुआ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
सड़क जाम होने के कारण इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया। लोग घटना की जांच, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इलाके में दहशत, जांच की मांग
भू-धंसान के बाद सिजुआ काली मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। कई घरों के जमींदोज होने की सूचना के बाद स्थानीय लोग अपने घरों और आसपास की जमीन की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि भू-धंसान किन कारणों से हुआ और प्रभावित लोगों के लिए आगे क्या राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
रिपोर्ट: नीरज कुमार

