धनबाद। शहर के गोल्फ ग्राउंड में दोबारा ‘डिज्नीलैंड मेला’ लगाए जाने की योजना को लेकर स्थानीय लोगों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में नाराजगी है। मेला आयोजन के लिए मैदान की नाप-जोख शुरू होने के बाद विरोध और तेज हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोल्फ ग्राउंड शहर के बीच स्थित महत्वपूर्ण खुली जगह है। इसका उपयोग बड़ी संख्या में लोग रोजाना सुबह की सैर, खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए करते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को परेशानी
विरोध कर रहे लोगों के अनुसार, गोल्फ ग्राउंड का इस्तेमाल युवा झारखंड पुलिस भर्ती समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फिजिकल फिटनेस की तैयारी में करते हैं। मैदान में दौड़ और अन्य शारीरिक अभ्यास नियमित रूप से किए जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार मेले का आयोजन होने से मैदान के उपयोग और रखरखाव पर असर पड़ता है। उनका आरोप है कि मेला खत्म होने के बाद गंदगी और अव्यवस्था के कारण युवाओं की शारीरिक ट्रेनिंग भी प्रभावित होती है।
डीसी और नगर निगम को सौंपा ज्ञापन

मेला आयोजन के विरोध में स्थानीय निवासी अभय कुमार के नेतृत्व में लोगों के एक समूह ने धनबाद के उपायुक्त और नगर निगम के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें गोल्फ ग्राउंड के बजाय किसी अन्य स्थान पर मेला आयोजित करने की मांग की गई है।
ज्ञापन के माध्यम से लोगों ने प्रशासन से मैदान की उपयोगिता और शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आग्रह किया है।
दूसरी जगह मेला लगाने की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धनबाद में मेला आयोजित करने के लिए अन्य खाली स्थानों पर भी विचार किया जा सकता है। उनके मुताबिक, गोल्फ ग्राउंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से खेल, स्वास्थ्य गतिविधियों और युवाओं की शारीरिक तैयारी के लिए होना चाहिए।
विरोध कर रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोल्फ ग्राउंड को नियमित रूप से होने वाले मेला आयोजनों से मुक्त रखा जाए।
खेल और युवाओं की ट्रेनिंग प्रभावित नहीं होने देने की अपील
स्थानीय नागरिकों और छात्रों ने प्रशासन से अपील की है कि गोल्फ ग्राउंड के संबंध में ऐसा फैसला लिया जाए, जिससे खेल गतिविधियां और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित न हो।
लोगों का कहना है कि गोल्फ ग्राउंड शहर की एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक जगह है। इसलिए मेला आयोजन के लिए वैकल्पिक स्थान पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि मैदान का इस्तेमाल करने वाले युवाओं और अन्य नागरिकों की गतिविधियां बाधित न हों।

