धनबाद: NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को रणधीर प्रसाद वर्मा चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने किया। धरना के बाद कांग्रेस नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि देश का युवा निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय शिक्षा व्यवस्था चाहता है।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके साथ कठोर कार्रवाई की गई।
जिला प्रभारी शकील अख्तर ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से छात्रों का विश्वास प्रभावित हुआ है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुल्तान अहमद, समन्वयक मदन महतो, सचिव मनोज यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह सहित अन्य नेताओं ने भी केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
धरना के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से निम्न मांगें रखीं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय करना।
- प्रतियोगी परीक्षाओं एवं सरकारी भर्तियों का समयबद्ध वार्षिक कैलेंडर जारी करना।
- प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों की समीक्षा और उचित कार्रवाई।
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

