बारामुड़ी खटाल पहुंचे कांग्रेस नेता, प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
धनबाद। विनोद बिहारी चौक के समीप स्थित बारामुड़ी खटाल को हटाए जाने की चर्चा के बीच कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित परिवारों के समर्थन में आवाज उठाई है। धनबाद लोकसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अजय कुमार दुबे के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने बारामुड़ी खटाल पहुंचकर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। नेताओं ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने तथा प्रभावित परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखकर मानवीय समाधान निकालने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए अजय कुमार दुबे ने कहा कि खटाल हटाए जाने की चर्चा से स्थानीय परिवारों में चिंता का माहौल है। उन्होंने दावा किया कि इसका असर बच्चों की पढ़ाई और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यहां राजनीति करने के बजाय प्रभावित लोगों की आवाज उठाने आई है। पार्टी गरीब परिवारों के आवास और आजीविका की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।

वर्ष 2005 में पुनर्वास का हवाला, प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल
अजय कुमार दुबे ने जुलाई 2005 में बेकारबांध से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन उपायुक्त बीला राजेश के कार्यकाल में लोगों को बारामुड़ी में बसाया गया था। उनके अनुसार, उस समय प्रभावित परिवारों को आवास के साथ बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं। उन्होंने कहा कि वह उस समय हुई बैठक में स्वयं मौजूद थे।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब लोगों को यहां बसाने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, तो अब उन्हें हटाने की चर्चा क्यों हो रही है। उन्होंने प्रशासन से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने और प्रभावित परिवारों को विश्वास में लेकर समाधान निकालने की मांग की।
दुबे ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस सभी संबंधित कागजात और साक्ष्य प्रशासन तथा राज्य सरकार के सामने रखेगी। उन्होंने भाजपा सांसद और विधायक से भी प्रभावित परिवारों के पक्ष में ठोस पहल करने की अपील की।

संतोष कुमार सिंह बोले—पुनर्वास के बिना बेदखली का विरोध करेगी कांग्रेस
कांग्रेस के धनबाद जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए घर केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, बच्चों के भविष्य और सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारण से परिवारों को वहां से हटाने की आवश्यकता बताई जा रही है, तो पहले उनकी समस्याएं सुनी जानी चाहिए और पुनर्वास तथा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
संतोष सिंह ने भाजपा सांसद पर निशाना साधते हुए उनके राहत दिलाने के दावों और प्रभावित परिवारों तक पहुंचने में कथित देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा नेतृत्व की कार्यशैली की भी आलोचना की। उनके कुछ बयान राजनीतिक आरोपों के रूप में सामने आए, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराएगी। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेस नेताओं और संगठन के माध्यम से भी इस मुद्दे को उठाने की बात कही।
कांग्रेस नेताओं ने उठाया पुनर्वास और रोजगार का मुद्दा
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ब्रजेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जब प्रशासनिक स्तर पर लोगों को बारामुड़ी में बसाया गया था, तो अब उन्हें हटाने के औचित्य पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, रोजगार और भविष्य की चिंता करना जरूरी है।
राशिद राजा अंसारी ने खटाल नहीं हटने देने की बात कही, जबकि शमशेर आलम ने प्रशासन से एक समान रवैया अपनाने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पहले लोगों को बसाने के साथ बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं दी गई थीं, तो अब उन्हें हटाने की चर्चा क्यों हो रही है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच करने और उचित पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था के बिना परिवारों को बेदखल करने की कार्रवाई नहीं करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों, सम्मान और आजीविका की रक्षा करना है।
सड़क से सदन तक संघर्ष की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बारामुड़ी खटाल का मामला वर्ष 2005 में बेकारबांध से लोगों को यहां बसाए जाने के घटनाक्रम से जुड़ा है। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सांसद ददई दुबे के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों के इतिहास और वर्तमान परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सभा का संचालन मनोज यादव ने किया। मौके पर अजय कुमार दुबे, संतोष कुमार सिंह, ब्रजेन्द्र प्रसाद सिंह, शमशेर आलम, मदन महतो, राशिद राजा अंसारी, योगेंद्र सिंह योगी, शाहिद कमर, सुंदर प्रसाद यादव, इरफान खान चौधरी, मृयूंजय सिंह, ऋषिकांत यादव और हरेंद्र शाही सहित कांग्रेस के अनेक नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों के आवास, रोजगार और सम्मान की रक्षा के लिए पार्टी प्रशासन और सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाती रहेगी।

