धनबाद: बारामुड़ी खटाल में जिला प्रशासन की ओर से जारी नोटिस और नापी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेत्री अनुपमा सिंह ने आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को बेघर करने की कार्रवाई रोकने और मामले का समाधान मानवीय दृष्टिकोण से करने की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अनुपमा सिंह ने कहा कि वह फिलहाल राज्य से बाहर हैं। वापस लौटने के बाद वह बारामुड़ी खटाल का दौरा करेंगी और इस मामले में धनबाद के उपायुक्त से भी बात करेंगी।
2005 में विस्थापित परिवारों को बसाने का किया जिक्र
अनुपमा सिंह ने कहा कि वर्ष 2005 में बेकारबांध से विस्थापित परिवारों को तत्कालीन कांग्रेस सांसद की पहल पर बारामुड़ी में बसाया गया था। उनके मुताबिक, ये परिवार वर्षों से यहां रह रहे हैं। ऐसे में अचानक बेदखली का भय पैदा होना उचित नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों की स्थिति और उनके पुनर्वास से जुड़े पहलुओं पर विचार करने की अपील की। हालांकि, वर्ष 2005 में परिवारों को बसाए जाने और वर्तमान भूमि की स्थिति से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में नहीं की गई है।
किसी एक व्यक्ति के कारण पूरे क्षेत्र को जिम्मेदार न ठहराया जाए
कांग्रेस नेत्री ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की कथित आपराधिक गतिविधियों के लिए पूरे क्षेत्र के परिवारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने खुले में मवेशी छोड़ने जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों का समाधान नियमानुसार कार्रवाई के माध्यम से किया जा सकता है।
उनका कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए सभी प्रभावित परिवारों को बेघर करना उचित रास्ता नहीं है। उन्होंने प्रशासन से प्रत्येक मामले पर अलग-अलग विचार करने और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की बात कही
अनुपमा सिंह ने कहा कि कांग्रेस प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है और आगे भी उनके समर्थन में संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से नोटिस और नापी की कार्रवाई से जुड़े मामले में संवेदनशीलता बरतने की अपील की।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि अनुपमा सिंह धनबाद लौटने के बाद प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगी और उपायुक्त के समक्ष अपनी बात रखेंगी।
प्रशासन के अगले कदम पर टिकी नजर
बारामुड़ी खटाल में जारी नोटिस और नापी को लेकर अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी। फिलहाल अनुपमा सिंह ने कार्रवाई रोकने की मांग की है। जिला प्रशासन की ओर से इस मांग पर क्या रुख अपनाया गया है, इसकी जानकारी उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
प्रेस को जानकारी: सतपाल सिंह ब्रोका द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर।

