धनबाद, झारखंड। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव एवं उनकी रोकथाम को लेकर जिले भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला समाज कल्याण विभाग, धनबाद द्वारा विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने उपस्थित लोगों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही लोगों को स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
नारा लेखन के माध्यम से दिया गया संदेश
जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में नारा लेखन (स्लोगन) गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर आधारित प्रेरणादायक संदेश प्रस्तुत किए। इस गतिविधि के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया।
प्रतिभागियों को दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से लोगों ने स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण पर जोर
जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना था।
जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की इस पहल को लोगों ने सराहा और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प दोहराया।

