धनबाद/सिंदरी। सुदामडीह थाना क्षेत्र के अमलाबाद में जितिया पर्व के दौरान दामोदर नदी में डूबी 16 वर्षीय सोनाक्षी कुमारी का शव रविवार सुबह सिंदरी बस्ती के पास बरामद किया गया। शव नदी में तैरता हुआ मिला, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना परिजनों और प्रशासन को दी। झरिया अंचल के अधिकारियों की देखरेख में शव को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जितिया पर्व पर नदी में स्नान के दौरान हुआ हादसा
घटना 2 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। मूल रूप से बिहार के आरा जिले की रहने वाली सोनाक्षी कुमारी लोदना स्थित अपने मामा के घर आई हुई थी। जितिया पर्व के अवसर पर वह अमलाबाद के पास दामोदर नदी में स्नान करने गई थी। इसी दौरान नदी की तेज धार में बहकर वह लापता हो गई।
सोनाक्षी को बचाने के लिए उसके मामा अमन ने भी नदी में छलांग लगा दी थी। तेज बहाव के कारण वह भी डूबने लगे, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि सोनाक्षी का पता नहीं चल सका।
सिंदरी बस्ती के पास तैरता मिला शव
रविवार सुबह करीब 7 बजे सिंदरी बस्ती निवासी शिबू मंडल ने दामोदर नदी में एक शव तैरता देखा। इसकी जानकारी सोनाक्षी के मामा को दी गई। सूचना मिलते ही परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और शव की पहचान सोनाक्षी के रूप में की।
सूचना मिलने के बाद झरिया अंचल के अधिकारी अभय सिन्हा समेत प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। उनकी देखरेख में शव को नदी से बाहर निकाला गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
NDRF की टीम ने भी चलाया था खोज अभियान
सोनाक्षी की तलाश के लिए रांची से NDRF की गोताखोर टीम को भी बुलाया गया था। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से नदी में लगातार खोज अभियान चलाया गया। कई घंटे की तलाश के बाद आखिरकार रविवार सुबह सिंदरी बस्ती के पास उसका शव बरामद हुआ।
मौके पर झरिया अंचल के अंचल निरीक्षक राम रतन पांडे, अभय सिन्हा, सुदामडीह पुलिस, पार्षद वीरेंद्र कुमार, पार्षद मुनी लाल दास तथा धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के प्रतिनिधि गफ्फार अंसारी उर्फ पप्पू सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।
दामोदर नदी में लगातार हो रहे हादसों पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दामोदर नदी में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं को लेकर चिंता और नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में तेज बहाव और कई स्थानों पर अधिक गहराई होने के बावजूद लोग सावधानी नहीं बरतते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाहर से आने वाले श्रद्धालु और अन्य लोग नदी की गहराई एवं बहाव का अंदाजा लगाए बिना पानी में उतर जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

