नई दिल्ली: पाकिस्तान के कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा दिल्ली में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन का समर्थन करने की खबरों पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के अंदरूनी मामलों पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी धरती से होने वाले सीमा-पार आतंकवाद को रोकने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। भारत के लोग, खासकर युवा, चाहते हैं कि पाकिस्तान इस समस्या पर गंभीरता से काम करे।
CJP के नेतृत्व में हुआ था छात्र आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में कई सप्ताह तक छात्रों का प्रदर्शन चला था। यह आंदोलन NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दों को लेकर किया गया था।
प्रदर्शनकारियों ने उस समय के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के बाद आंदोलन और तेज हुआ। वहीं, 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद CJP ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने इस पूरे विवाद पर आधिकारिक रूप से दूरी बनाते हुए इसे भारत का आंतरिक मामला बताया। पाकिस्तान के विदेश मामलों के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि इस्लामाबाद भारत में चल रहे विरोध प्रदर्शनों या उन्हें संभालने के तरीके पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा। मानवाधिकारों से जुड़े सवाल पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
इन्फ्लुएंसर्स ने छात्रों के समर्थन में किए पोस्ट
सरकारी रुख से अलग पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने CJP के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन के समर्थन में पोस्ट साझा किए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता जताई और भारत-पाकिस्तान के साझा इतिहास का जिक्र करते हुए आंदोलन को युवाओं की आवाज बताया। इन पोस्टों के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिली।

