कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चर्चित कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले और चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों की जांच के सिलसिले में अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को एक बार फिर पूछताछ के लिए तलब किया है। सीआईडी अधिकारियों ने उनके कालीघाट स्थित आवास पर नोटिस पहुंचाकर 14 जून को दोपहर 12 बजे भावानी भवन स्थित मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।सूत्रों के अनुसार, इससे पहले अभिषेक बनर्जी से करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई थी। जांच एजेंसी का मानना है कि कई महत्वपूर्ण सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के कारण उन्हें दोबारा बुलाया गया है।बताया जा रहा है कि पिछली पूछताछ के दौरान सीआईडी की दो अलग-अलग टीमों ने उनसे सवाल-जवाब किए थे। जांचकर्ताओं ने विपक्ष के नेता के चयन से जुड़ी कथित बैठक, उससे संबंधित दस्तावेजों और हस्ताक्षरों को लेकर कई सवाल पूछे।सीआईडी ने यह जानने का प्रयास किया कि बैठक कब और कहां आयोजित हुई थी, बैठक में कौन-कौन विधायक मौजूद थे, रिजोल्यूशन बुक कहां है तथा विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र पर किन विधायकों के हस्ताक्षर थे। इसके अलावा अनुपस्थित विधायकों के हस्ताक्षरों और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी मांगी गई।जांच एजेंसी ने यह भी सवाल उठाया कि जो विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए थे, क्या उन्होंने पहले से अपनी अनुपस्थिति की सूचना दी थी और क्या विपक्ष के नेता के चयन का निर्णय बैठक से पहले ही तय कर लिया गया था।सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, इन बिंदुओं पर अधिक स्पष्टता प्राप्त करने के लिए अभिषेक बनर्जी को पुनः तलब किया गया है। उन्हें इस बार बैठक से संबंधित रिजोल्यूशन कॉपी, आवश्यक दस्तावेज और अन्य संबंधित कागजात साथ लेकर आने को कहा गया है।गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए एक पत्र को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसमें विपक्ष के नेता के चयन से संबंधित प्रस्ताव का उल्लेख था। इसी पत्र में कुछ विधायकों के कथित हस्ताक्षरों को लेकर फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए हैं, जिसकी जांच सीआईडी कर रही है।अब 14 जून को होने वाली पूछताछ पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि जांच के अगले चरण में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।(न्यूज़
ANP के लिए पश्चिम बंगाल से अतीकुर रहमान की रिपोर्ट)

