धनबाद: छाताबाद में भू-धंसान से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर सोमवार को सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक हुई। झारखंड सरकार के जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री हफीजुल हसन की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधायक टुंडी मथुरा प्रसाद महतो, भू-धंसान प्रभावित परिवारों, बीसीसीएल और जेआरडीए के प्रतिनिधि मौजूद रहे। करीब चार घंटे तक चली बैठक में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद पुनर्वास, मुआवजा और सुरक्षा सहित कई मुद्दों पर सहमति बनी।
IIT-ISM करेगा भू-धंसान क्षेत्र का सर्वे
बैठक में प्रभावित परिवारों की मांग पर भू-धंसान क्षेत्र का आईआईटी आईएसएम धनबाद से सर्वेक्षण कराने पर सहमति बनी। सर्वे के आधार पर डेंजर जोन का सीमांकन किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट एक महीने के भीतर उपलब्ध कराने की बात कही गई।
सर्वे में केवल प्रभावित घरों को ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की महत्वपूर्ण सार्वजनिक और धार्मिक जगहों को भी शामिल किया जाएगा। मस्जिद, मदरसा, ईदगाह और स्कूल को भी डेंजर जोन के सर्वे में शामिल करने पर सहमति बनी।
घायलों को चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
बैठक में भू-धंसान की घटना में घायल लोगों को चिकित्सकीय सहायता और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। मंत्री ने खनन कार्य के दौरान सुरक्षा और ब्लास्टिंग से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके अलावा घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग कराने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। भू-धंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्र के आसपास इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तैयार करने का निर्देश भी मंत्री की ओर से दिया गया।
पुनर्वास के लिए BCCL के पास कई साइट तैयार
बैठक में बीसीसीएल की ओर से बताया गया कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए बेलगड़िया के अलावा 20-21 अन्य साइट शिफ्टिंग के लिए तैयार रखी गई हैं।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि डेंजर जोन में रहने वाले लोगों को कई बार बस से बेलगड़िया ले जाकर वहां की सुविधाएं दिखाई गई हैं। उनके अनुसार, भ्रमण के दौरान लोग वहां रहने के लिए सहमत होते हैं, लेकिन वापस लौटने के बाद शिफ्टिंग को लेकर सहमति नहीं बन पाती।
बेलगड़िया में बुनियादी सुविधाओं का दावा
उप विकास आयुक्त ने बैठक में बताया कि उपायुक्त आदित्य रंजन के प्रयासों से बेलगड़िया में पानी, बिजली, सड़क, स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विस्थापित परिवारों के रोजगार के लिए भी विभिन्न योजनाओं पर काम चलने की जानकारी दी गई।
मंत्री बोले- लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि
मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि के रूप में छाताबाद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भू-धंसान की घटना पर चिंता जताई है और राज्य सरकार के लिए भू-धंसान तथा डेंजर जोन में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक के अंत में प्रभावित परिवारों, बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच विभिन्न बिंदुओं पर सहमति बनी। सभी पक्षों की सहमति के बाद बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।

