चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कोल्हान, पोराहाट और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चार सदस्यों ने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम भी शामिल है।
10 लाख के इनामी सालुका कायम ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर समेत चार सक्रिय माओवादी शामिल हैं। सालुका संगठन का जोनल कमेटी सदस्य था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला जिलों में कई मामले दर्ज बताए गए हैं।
आत्मसमर्पण के दौरान उसने एक AK-47 राइफल, मैगजीन और बड़ी मात्रा में कारतूस सुरक्षा बलों को सौंपे।
तीन अन्य सक्रिय नक्सलियों ने भी किया सरेंडर
सालुका के साथ कोदोमुनी कोड़ा, पिंकी पूर्ति और अनिता तामसोय ने भी आत्मसमर्पण किया। पुलिस के अनुसार ये सभी संगठन में विभिन्न भूमिकाओं में सक्रिय थे। आत्मसमर्पण के दौरान इनके पास से वायरलेस सेट, इंसास राइफल, मैगजीन और सैकड़ों कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया कि इन सभी के खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं।
ऑपरेशन नवजीवन-III के तहत मिली सफलता
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह आत्मसमर्पण ऑपरेशन नवजीवन-III के तहत हुआ है। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे संयुक्त अभियान, जंगल क्षेत्रों में बढ़ती निगरानी और सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रमों का असर अब दिखाई देने लगा है।
अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर और जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से लोगों का विश्वास बढ़ा है, जिससे नक्सल प्रभावित इलाकों में सकारात्मक माहौल बना है।
आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का भी दिख रहा असर
पुलिस का मानना है कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति भी नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रही है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जाता है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान जारी
सुरक्षाबलों का कहना है कि कोल्हान, सारंडा और पोराहाट क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का दावा है कि लगातार कार्रवाई, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण की वजह से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर दबाव बढ़ा है।
अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में क्षेत्र को नक्सल प्रभाव से मुक्त करने की दिशा में अभियान और तेज किया जाएगा तथा विकास एवं सुरक्षा दोनों मोर्चों पर काम जारी रहेगा।

