नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (12 सितंबर, 2026) को BRICS शिखर सम्मेलन की बैठक खत्म होने के बाद सभी सदस्य देशों के नेताओं के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई। इस दौरान सभी नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ थामकर BRICS की एकजुटता का संदेश दिया।
फोटो के दौरान पीएम मोदी ने एक तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का हाथ पकड़ा। इस तस्वीर को BRICS देशों के बीच सहयोग और एकता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
नेताओं ने किया पौधारोपण
BRICS देशों के नेताओं ने नई दिल्ली के भारत मंडपम परिसर में संयुक्त रूप से पौधारोपण भी किया। सभी नेताओं ने अपने हाथों से पौधों में मिट्टी डाली और पानी दिया।
इस दौरान नेताओं ने दुनिया को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित वातावरण का संदेश दिया।
BRICS Summit में पीएम मोदी ने क्या कहा?
शनिवार को BRICS शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य और आमंत्रित देशों के नेताओं के सामने 10 महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। इन सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में BRICS ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अब संगठन को अगले 20 वर्षों के लिए एक नया और महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करना चाहिए।
पीएम मोदी के 10 प्रस्तावों में क्या-क्या शामिल?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने प्रस्तावों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की जरूरत पर सबसे ज्यादा जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के मुद्दे को अब ज्यादा समय तक टाला नहीं जा सकता।
इसके अलावा उन्होंने BRICS के काम को आगे बढ़ाने के लिए एक कंटिन्यूटी और इंप्लीमेंटेशन मैकेनिज्म बनाने का सुझाव दिया।
पीएम मोदी ने एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी बनाने का भी प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही समुद्र में काम करने वाले नाविकों की मदद के लिए ‘सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बनाने की बात कही।
उन्होंने वैश्विक आर्थिक विकास में अहम योगदान देने वाले देशों को नेतृत्व की भूमिका देने और भविष्य के वैश्विक लक्ष्यों को तय करने में सभी देशों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने की बात भी कही।
AI और नई तकनीक पर भी जोर
पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर स्पेस, आउटर स्पेस, बायोटेक्नोलॉजी और दूसरी महत्वपूर्ण तकनीकों को लेकर भी नए नियम बनाने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भविष्य के अवसरों के साथ-साथ इनके इस्तेमाल के लिए जरूरी नियम भी तय किए जाने चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि BRICS देशों को मिलकर यह कोशिश करनी चाहिए कि ग्लोबल साउथ केवल नियमों को मानने वाला नहीं, बल्कि नियम बनाने में भी भूमिका निभाने वाला बने।
कुल मिलाकर, BRICS सम्मेलन में भारत ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार, तकनीक, आर्थिक विकास, सुरक्षा और ग्लोबल साउथ की भागीदारी से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने रखे।

