BBMKU में MTS आउटसोर्सिंग टेंडर पर बवाल, आजसू ने कुलपति का पुतला फूंका

BBMKU में MTS आउटसोर्सिंग टेंडर पर बवाल, आजसू ने कुलपति का पुतला फूंका

धनबाद। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) प्रशासन की नीतियों और MTS समेत विभिन्न पदों के लिए जारी मैनपावर आउटसोर्सिंग टेंडर की शर्तों के विरोध में आजसू छात्र संघ ने प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला दहन किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व आजसू छात्र संघ के प्रदेश महासचिव विशाल महतो ने किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की टेंडर प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए और स्थानीय युवाओं, छात्रों तथा उद्यमियों के हितों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया।

टेंडर की शर्तों को लेकर आजसू ने उठाए सवाल

विशाल महतो ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा MTS सहित विभिन्न पदों के लिए जारी मैनपावर आउटसोर्सिंग टेंडर की तकनीकी बिड में ऐसी शर्तें रखी गई हैं, जो स्थानीय और छोटे सेवा प्रदाताओं के लिए बाधा बन सकती हैं।

आजसू छात्र संघ का कहना है कि इससे निविदा प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा सीमित होने और बड़ी कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कमीशन और निजी हितों को प्राथमिकता देने के आरोप भी लगाए हैं।

हालांकि, ये आरोप आजसू छात्र संघ की ओर से लगाए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष इस इनपुट में उपलब्ध नहीं है।

₹6 करोड़ के टेंडर पर ₹20 करोड़ टर्नओवर की शर्त का विरोध

आजसू छात्र संघ ने लगभग 6 करोड़ रुपये की निविदा में 20 करोड़ रुपये के टर्नओवर की शर्त पर आपत्ति जताई है।

संगठन का कहना है कि इतनी अधिक टर्नओवर सीमा स्थानीय और छोटे सेवा प्रदाताओं को निविदा प्रक्रिया से बाहर कर सकती है। आजसू ने इस शर्त की समीक्षा कर स्थानीय संस्थाओं को भी प्रतिस्पर्धा का समान अवसर देने की मांग की है।

इसके साथ ही संगठन ने कहा कि सरकारी प्रावधानों और झारखंड हाईकोर्ट के संबंधित आदेशों के अनुरूप पात्र MSME और स्थानीय संस्थाओं को टर्नओवर, अनुभव तथा अन्य पात्रता मानदंडों में मिलने वाली छूट का लाभ दिया जाना चाहिए।

PASARA लाइसेंस की अनिवार्यता खत्म करने की मांग

आजसू छात्र संघ ने पूरे MTS टेंडर में PASARA लाइसेंस की अनिवार्यता को भी समाप्त करने की मांग की है।

विशाल महतो का कहना है कि PASARA लाइसेंस निजी सुरक्षा सेवाओं और सुरक्षा गार्ड से संबंधित है, जबकि MTS टेंडर में बड़ी संख्या में गैर-शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े पद शामिल हैं। ऐसे में संगठन की मांग है कि PASARA लाइसेंस की अनिवार्यता केवल उन्हीं पदों तक सीमित हो, जिनका काम वास्तव में सुरक्षा सेवाओं से संबंधित है।

आजसू छात्र संघ ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान आजसू छात्र संघ ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखीं। इनमें MSME और पात्र स्थानीय संस्थाओं को निर्धारित छूट देना, लगभग 6 करोड़ रुपये की निविदा में 20 करोड़ रुपये के टर्नओवर की शर्त को हटाना और पूरे MTS टेंडर में PASARA लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है।

विशाल महतो ने कहा कि मौजूदा शर्तों से स्थानीय सेवा प्रदाताओं, उद्यमियों और युवाओं के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आजसू छात्र संघ ऐसी प्रक्रिया को स्वीकार नहीं करेगा, जिसमें स्थानीय लोगों को समान अवसर नहीं मिले।

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