धनबाद: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) धनबाद महानगर ने शनिवार को झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में धनबाद उपायुक्त कार्यालय के समक्ष आक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में JPSC, JSSC, CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित कई भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली हुई है। पार्टी का दावा है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सरकार के संरक्षण में चल रहा संगठित भ्रष्टाचार है।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा धनबाद महानगर के जिला महामंत्री एवं कार्यक्रम प्रभारी रूपेश सिन्हा ने किया।
उपायुक्त कार्यालय तक निकाला प्रदर्शन
भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में झंडे और तख्तियां लेकर मेमको मोड़ से उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “हेमंत सोरेन हाय-हाय”, “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो”, “युवाओं का हक मारना बंद करो” और “JPSC-JSSC की CBI जांच कराओ” जैसे नारे लगाए।
इसके बाद भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें
भाजपा ने ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं—
- वर्ष 2019 के बाद आयोजित सभी JPSC, JSSC, CGL एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर स्पीड ट्रायल के माध्यम से दोषियों को कड़ी सजा।
- भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग।
- 14वीं JPSC से जुड़े मामले में तत्कालीन अध्यक्ष एल. रुयांगाते पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी।
- JPSC के तीनों सदस्यों को बर्खास्त कर उनकी गिरफ्तारी।
- उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा।
कई भाजपा नेता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव अग्रवाल, चंद्रशेखर सिंह, जिला महामंत्री मानस प्रसून, रूपेश सिन्हा, महेश पासवान, प्रियंका देवी, बच्चा गिरी, रिंकू सिंह और नरेंद्र त्रिवेदी सहित अन्य नेता शामिल रहे।
प्रदर्शन में भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं ने भाग लिया।

