कतरास। झरिया के अग्नि और भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित कर बेलगड़िया टाउनशिप में बसाए गए परिवारों की समस्याओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सोमवार को पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय कुमार झा ने बेलगड़िया का दौरा किया और विस्थापित परिवारों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने बिजली-पानी की समस्या और जर्जर हो चुके मकानों को लेकर अपनी परेशानियां बताईं।
बिजली-पानी की समस्या और जर्जर मकानों का मुद्दा
दौरे के दौरान विस्थापित परिवारों ने आरोप लगाया कि बेहतर और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद के साथ उन्हें बेलगड़िया में बसाया गया था, लेकिन यहां उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने कई मकानों के दरवाजे और अन्य ढांचागत हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी। बिजली और पानी की समस्या को लेकर विजय कुमार झा ने मौके पर संबंधित प्रभारी से बात की। उन्हें बताया गया कि बिजली-पानी की बदहाली का मुख्य कारण ट्रांसफार्मर की खराबी है।
विजय कुमार झा ने कहा- सिर्फ शिफ्ट करना पुनर्वास नहीं
समस्याओं को लेकर विजय कुमार झा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि केवल एक जगह से लोगों को उठाकर दूसरी जगह बसाना ही पुनर्वास नहीं है। उनके अनुसार, पुनर्वास तभी सार्थक होगा, जब विस्थापित परिवारों को सम्मान के साथ रहने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से विस्थापित परिवारों को बिजली, पानी समेत मूलभूत सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने की मांग की।
अधिकारियों को दी 15 दिन बेलगड़िया में रहने की चुनौती
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विजय कुमार झा ने जिम्मेदार अधिकारियों को कम से कम 15 दिन बेलगड़िया में रहकर स्थिति देखने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि जब अधिकारी खुद यहां रहकर बिजली, पानी और दूसरी समस्याओं का सामना करेंगे, तभी विस्थापित परिवारों की परेशानियों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। उन्होंने इन समस्याओं के स्थायी समाधान की जरूरत पर जोर दिया।
दौरे में करीब 50 स्थानीय लोग रहे मौजूद
विजय कुमार झा के बेलगड़िया दौरे के दौरान वार्ड संख्या-2 के पार्षद मोहम्मद शहाबुद्दीन, समाजसेवी गौतम मंडल और बंटी दत्ता समेत करीब 50 स्थानीय लोग मौजूद रहे।
दौरे के दौरान सामने आई समस्याओं ने बेलगड़िया में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर जारी चिंताओं को फिर सामने ला दिया है।

