बांकीपुर उपचुनाव: नामांकन के साथ सामने आया प्रशांत किशोर की संपत्ति का ब्योरा, पत्नी जाह्नवी दास की चल संपत्ति 99 करोड़ से अधिक

बांकीपुर उपचुनाव: नामांकन के साथ सामने आया प्रशांत किशोर की संपत्ति का ब्योरा, पत्नी जाह्नवी दास की चल संपत्ति 99 करोड़ से अधिक

पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही चुनाव आयोग को दिए गए उनके शपथपत्र (हलफनामे) में उनकी आय, संपत्ति और देनदारियों का विस्तृत विवरण भी सामने आया है।

हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के पास 22.19 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति है। वहीं उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के नाम 99.51 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति दर्ज है, जो प्रशांत किशोर की चल संपत्ति से कहीं अधिक है।

अचल संपत्ति भी करोड़ों में

शपथपत्र के मुताबिक, प्रशांत किशोर के स्वामित्व वाली स्वयं अर्जित अचल संपत्ति का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 59.25 करोड़ रुपये है। इसके अलावा उन्हें विरासत में मिली अचल संपत्ति का अनुमानित मूल्य 14.62 करोड़ रुपये बताया गया है।

आय में बड़ा अंतर

वित्तीय वर्ष 2024-25 के आयकर रिटर्न के अनुसार, प्रशांत किशोर की कुल आय 58.45 लाख रुपये दर्ज की गई है। हलफनामे में उल्लेख है कि यह आय जन सुराज पार्टी को 10 करोड़ रुपये के दान के बाद की है।

वहीं, वित्तीय वर्ष 2023-24 में उनकी कुल आय 8.89 करोड़ रुपये थी।

कंपनी में पूरी हिस्सेदारी

हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर की Vedhas Ventures Private Limited में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पेशे के रूप में उन्होंने स्वयं को राजनीतिक सलाहकार एवं कंसल्टेंट बताया है।

कितनी है देनदारी?

दस्तावेज के अनुसार, प्रशांत किशोर पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल 5.77 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण है। वहीं उनकी पत्नी पर 55.38 लाख रुपये की देनदारी दर्ज है।

पत्नी हैं वरिष्ठ चिकित्सक

प्रशांत किशोर की पत्नी डॉ. जाह्नवी दास पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं। हलफनामे के अनुसार वह नई दिल्ली स्थित अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल में सीनियर एडवाइजर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर कार्यरत हैं।

नामांकन के साथ सार्वजनिक हुए इस हलफनामे ने प्रशांत किशोर की आर्थिक स्थिति, आय, संपत्ति और देनदारियों की तस्वीर स्पष्ट कर दी है। चुनावी प्रक्रिया के तहत प्रत्याशियों द्वारा इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होता है।

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