जामताड़ा: झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को जामताड़ा समाहरणालय गेट के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिस्सा लिया तथा राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरना के बाद भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जामताड़ा सदर अस्पताल में मृतका रीना देवी के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के नैतिक आधार पर इस्तीफे की भी मांग उठाई गई।
फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग
भाजपा नेताओं ने जिलाध्यक्ष सुमित शरण समेत आठ कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को फर्जी बताते हुए उन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं पर प्रशासन ने अनुचित कार्रवाई की है।
धरना को बाबूलाल मरांडी, सीता सोरेन, सत्यानंद झा बाटुल, पूर्व सांसद सुनील सोरेन सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने राज्य सरकार की कार्यशैली और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर लगाए आरोप
धरना के दौरान बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार पुलिस कार्रवाई की आड़ में विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जामताड़ा सदर अस्पताल में हुई घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा मृतका के परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें, मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए तथा भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को वापस लिया जाए।
प्रदेश प्रवक्ता ने भी साधा निशाना
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रणधीर सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सेवा की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है।
‘वंदे मातरम’ कानून पर भी दिया बयान
धरना कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने ‘वंदे मातरम’ कानून का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। साथ ही उन्होंने देश के विभाजन के बाद भारत में रह गए मुसलमानों के संदर्भ में टिप्पणी की। यह उनका राजनीतिक बयान है, जिस पर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग राय हो सकती है।

