रांची: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर झारखंड में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। रांची स्थित विधानसभा परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर भाजपा नेताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके राजनीतिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े योगदान को याद किया।
विधानसभा परिसर में भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, झारखंड भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, मेयर रोशनी खलखो समेत भाजपा के कई नेताओं ने माल्यार्पण किया।
इस दौरान नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के विचारों और उनके सार्वजनिक जीवन में किए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
बाबूलाल मरांडी ने बताया महान राजनेता
इस मौके पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे राजनेता थे, जिनका कोई राजनीतिक शत्रु नहीं था। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता भी उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक क्षमता की प्रशंसा करते थे।
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड के गठन में अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका को भी याद किया। उनके अनुसार, राज्य गठन के समय कई चुनौतियां थीं और बिहार की तत्कालीन सत्ता में बैठे लोग अलग झारखंड राज्य के गठन के विरोध में थे।
झारखंड गठन में योगदान को किया याद
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व और उनके फैसले के सामने अलग राज्य के गठन को लेकर विरोध शांत हुआ। उन्होंने कहा कि इसी कारण झारखंड की जनता अटल बिहारी वाजपेयी की ऋणी है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के भाषणों और कविताओं को भी याद किया और कहा कि संसद के अंदर और बाहर उनका वक्तव्य प्रभावशाली होता था।
राष्ट्रहित को दी प्राथमिकता
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी ने सत्ता की चिंता से ज्यादा देशहित को प्राथमिकता दी। उन्होंने कई दलों के समर्थन से चल रही सरकार के बावजूद पोखरण में परमाणु परीक्षण का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का उद्देश्य देश को मजबूत बनाना था। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने उनके विचारों और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

