शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ विधायक का अनशन
धनबाद/सिंदरी। शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरोध में निरसा विधायक कॉमरेड अरूप चटर्जी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, लगातार दो दिनों से अनशन पर बैठे विधायक की तबीयत प्रभावित हो रही है, लेकिन वे छात्रों और युवाओं के अधिकारों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से अब तक वार्ता या समाधान की कोई पहल नहीं की गई है। इससे समर्थकों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
डीसी कार्यालय के मुख्य द्वार पर महाधरना का ऐलान
प्रशासन की ओर से पहल नहीं होने का हवाला देते हुए इंकलाबी नौजवान सभा और जिला कमिटी ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। संगठन के जिला सचिव ने घोषणा की है कि गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को सुबह 9:30 बजे से धनबाद उपायुक्त कार्यालय के मुख्य द्वार पर महाधरना दिया जाएगा। संगठन ने मुख्य द्वार जाम करने की भी चेतावनी दी है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करता है, तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक किया जाएगा। इस घोषणा के बाद डीसी कार्यालय के आसपास आंदोलन की तैयारियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज होने की संभावना है।
हर क्षेत्र से 100 कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी
इंकलाबी नौजवान सभा की जिला कमिटी ने सभी प्रखंडों, नगर परिषदों, नगर और अंचल कमिटियों के सचिवों से महाधरना में शामिल होने की अपील की है। संगठन की ओर से प्रत्येक क्षेत्र से कम से कम 100 कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजकों ने दावा किया है कि महाधरना में हजारों की संख्या में युवा और आंदोलनकारी शामिल होंगे।
शिक्षा विभाग में लेन-देन के आरोप, गरीब छात्रों के भविष्य का मुद्दा
धरनास्थल से संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में कथित तौर पर बिना लेन-देन के काम नहीं हो रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं का सबसे अधिक असर गरीब और जरूरतमंद छात्रों पर पड़ता है। नेताओं ने कहा कि विधायक अरूप चटर्जी शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई होने तक पीछे नहीं हटेंगे।
आंदोलनकारियों ने प्रशासन से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने, शिकायतों की जांच कराने और शिक्षा विभाग की व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी, प्रशासन की भूमिका पर नजर
संगठन के नेताओं ने कहा कि प्रशासन की कथित उदासीनता के कारण आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने प्रस्तावित महाधरना को आंदोलन का महत्वपूर्ण चरण बताया और कहा कि इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की पहल होती है या विरोध प्रदर्शन आगे बढ़ता है।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

