झरिया में स्पीड ब्रेकर हटने के बाद सड़क हादसों पर जनता मजदूर संघ का आक्रोश, अभिषेक सिंह ने दी आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी

झरिया में स्पीड ब्रेकर हटने के बाद सड़क हादसों पर जनता मजदूर संघ का आक्रोश, अभिषेक सिंह ने दी आंदोलन और चक्का जाम की चेतावनी

झरिया में सड़क हादसों को लेकर जनता मजदूर संघ ने उठाए सवाल

धनबाद। झरिया कोयलांचल में कोयला ढुलाई करने वाले हाइवा और भारी वाहनों से हो रहे सड़क हादसों को लेकर जनता मजदूर संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है। संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह ने आरोप लगाया है कि झरिया-केन्दुआ मुख्य मार्ग, NH-218, फुसबंगला, डिगवाडीह और ऊपर कुल्ही सहित कई व्यस्त सड़कों से स्पीड ब्रेकर हटाए जाने के बाद भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण कमजोर हुआ है। उनका दावा है कि इसके बाद क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

अभिषेक सिंह ने कहा कि इन सड़कों पर आम नागरिकों, छात्रों और कामगारों की जान जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थायी सड़क सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसों के बाद मुआवजे की घोषणा कर जिम्मेदारी पूरी मान ली जाती है, जबकि प्रभावित परिवारों को न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव की गारंटी मिलनी चाहिए।

स्पीड ब्रेकर हटाने के फैसले पर उठाए सवाल

अभिषेक सिंह के अनुसार, पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने स्थानीय लोगों की मांग पर झरिया-केन्दुआ मुख्य मार्ग, NH-218 और संवेदनशील मोड़ों पर वैज्ञानिक तरीके से गति अवरोधकों का निर्माण कराया था। संघ का दावा है कि इन स्पीड ब्रेकरों से तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने और दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिली थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक द्वेष और शिकायतों के आधार पर मशीनों से इन गति अवरोधकों को हटवा दिया गया। इसके बाद भारी वाहनों की रफ्तार फिर बढ़ गई। अभिषेक सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा जैसे विषय पर राजनीतिक मतभेदों के बजाय आम लोगों की जान को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

2015 से 2026 तक 27 हादसों का विवरण जारी

जनता मजदूर संघ ने वर्ष 2015 से नवंबर 2026 तक के 27 प्रमुख सड़क हादसों का विवरण जारी किया है। संघ की सूची में झरिया-केन्दुआ मार्ग, कतरास मोड़, गोपालीचक, फुसबंगला, पाथरडीह, बस्ताकोला, सिंहनगर और अन्य इलाकों में हुई दुर्घटनाओं का उल्लेख है। इनमें हाइवा, ट्रक, ट्रेलर और अन्य वाहनों की चपेट में आकर लोगों की मौत होने की घटनाएं शामिल हैं।

सूची के अनुसार, 17 जनवरी 2015 को गोपालीचक मोड़ पर इंजीनियरिंग के छात्र रवि कुमार की हाइवा की चपेट में आने से मौत हुई थी। 2019 में गोपालीचक मोड़ और अन्य स्थानों पर कई हादसे हुए। 15 फरवरी 2020 को मुकुंदा हरि मंदिर के पास ट्रक की टक्कर से दो स्कूली छात्राओं सुमन कुमारी और अंजलि कुमारी की मौत हुई थी, जबकि चार अन्य छात्राएं घायल हुई थीं। 2021 में बनियाहीर में बीटेक छात्र पीयूष गुप्ता की कार की टक्कर से जान चली गई।

संघ की सूची में 15 नवंबर 2023 को कतरास मोड़ के पास बीएड छात्र विवेक ओझा, 28 जनवरी 2024 को सिंहनगर में प्रदीप, 28 दिसंबर 2025 को सुदामडीह क्षेत्र में रितेश मोदी और जीतू पासवान की मौत का भी उल्लेख है। वर्ष 2026 में 4 मई को केंदुआ-बीएनआर साइडिंग मार्ग पर ममता देवी की मौत, 22 अक्टूबर को सिंहनगर में नारायण ठाकुर की मौत और 3 नवंबर को ऊपर कुल्ही में जहांगीर की मौत की घटनाएं भी सूची में शामिल हैं।

संघ का कहना है कि ये घटनाएं क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को सामने लाती हैं। हालांकि, जारी की गई सूची और हादसों के कारणों का स्वतंत्र आधिकारिक सत्यापन अलग से किया जाना जरूरी है।

जनता मजदूर संघ की तीन प्रमुख मांगें

अभिषेक सिंह ने प्रशासन के सामने प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी हैं। पहली, झरिया-केन्दुआ मुख्य मार्ग, NH-218, फुसबंगला, डिगवाडीह और ऊपर कुल्ही सहित सभी संवेदनशील मोड़ों पर मानक के अनुरूप वैज्ञानिक स्पीड ब्रेकरों का दोबारा निर्माण कराया जाए। दूसरी, कोयला ढुलाई में लगे हाइवा और भारी ट्रकों के लिए निर्धारित नो-एंट्री नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा घनी आबादी वाले इलाकों में गति सीमा तय कर उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

तीसरी मांग सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को समुचित आर्थिक सहायता और स्थायी सड़क सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की है। संघ का कहना है कि केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो जनांदोलन और चक्का जाम की चेतावनी

जनता मजदूर संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द स्पीड ब्रेकरों का पुनर्निर्माण नहीं कराया और भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई नहीं की, तो संघ आम लोगों के साथ मिलकर जोरदार जनांदोलन करेगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर चक्का जाम करने की भी चेतावनी दी है।

अभिषेक सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा किसी राजनीतिक दल या संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन से जुड़ा सवाल है। संघ ने प्रशासन से मांग की है कि झरिया और आसपास के इलाकों में दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर तत्काल सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

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